फीफा विश्व कप: अल्जीरिया ने वापसी करते हुए जॉर्डन को हराया, नॉकआउट की उम्मीदें बरकरार!

अल्जीरिया ने सोमवार को शानदार वापसी करते हुए जॉर्डन को 2-1 से हरा दिया और फीफा विश्व कप में नॉकआउट चरण में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जीवित रखा। वहीं, इस हार के साथ जॉर्डन की अगले दौर में पहुंचने की उम्मीदें समाप्त हो गईं।

दूसरे हाफ में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी नधीर बेनबौली और अमीन गुइरी के गोलों की बदौलत अल्जीरिया ने पहला हाफ पीछे रहने के बावजूद मुकाबला अपने नाम किया। इस जीत के साथ अल्जीरिया ग्रुप J में ऑस्ट्रिया के बराबर तीन अंकों पर पहुंच गया। साथ ही, दिन में पहले ऑस्ट्रिया पर जीत दर्ज करने वाली अर्जेंटीना ने ग्रुप विजेता के रूप में नॉकआउट में अपनी जगह पक्की कर ली।

अपने पहले मुकाबले में अर्जेंटीना से 3-0 की करारी हार झेलने के बाद अल्जीरिया को मजबूत वापसी की जरूरत थी। इसी को ध्यान में रखते हुए कोच व्लादिमीर पेटकोविच ने अनुभवी विंगर रियाद महरेज़ को शुरुआती एकादश में शामिल किया।

महरेज़ पूरे मैच में प्रभावशाली रहे, हालांकि पहले हाफ में वे दो अच्छे मौके गंवा बैठे। पहले हिचम बौदाउई के शानदार पास पर वे गेंद पर नियंत्रण नहीं रख सके। इसके बाद वे गोलकीपर के सामने अकेले पहुंच गए, लेकिन जॉर्डन के गोलकीपर यज़ीद अबू लैला ने उनके चिप शॉट को बचा लिया।

ऑस्ट्रिया के खिलाफ अपना पहला मैच हार चुकी जॉर्डन की टीम ने 36वें मिनट में बढ़त हासिल कर ली। अल्जीरिया के मिडफील्डर रमिज़ ज़ेरूकी ने खतरनाक क्षेत्र में गेंद गंवा दी, जिससे मूसा अल-तमारी ने हमला शुरू किया। उनका शॉट डिफ्लेक्ट होकर निजार अल-रशदान के पास पहुंचा, जिन्होंने पहली ही कोशिश में गेंद को निचले कोने में पहुंचाकर गोल कर दिया।

हाफ टाइम पर पेटकोविच ने नबील बेंटालेब और नधीर बेनबौली को मैदान पर उतारा, जिसके बाद अल्जीरिया का खेल पूरी तरह बदल गया।

69वें मिनट में अल्जीरिया को बराबरी का गोल मिला। महरेज़ के कॉर्नर पर बेनबौली ने शानदार हेडर लगाते हुए गेंद को जाल में पहुंचा दिया।

इसके बाद 82वें मिनट में अल्जीरिया ने मैच में बढ़त बना ली। एक और कॉर्नर पर सब्स्टीट्यूट अनिस हद्ज़ मूसा ने गेंद बॉक्स में भेजी। डिफ्लेक्शन के बाद अमीन गुइरी ने तेजी दिखाते हुए छह गज के बॉक्स के अंदर से गेंद को गोल में पहुंचाकर विजयी गोल दाग दिया।

इस जीत के साथ अब शनिवार को ऑस्ट्रिया के खिलाफ होने वाला अल्जीरिया का अंतिम ग्रुप मैच बेहद महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि नॉकआउट में जगह का फैसला उसी मुकाबले से होगा।

यह मुकाबला ऐतिहासिक महत्व भी रखता है। यह 1982 विश्व कप के कुख्यात “डिस्ग्रेस ऑफ गिजोन” के 44 साल बाद हो रहा है, जब ऑस्ट्रिया और पश्चिम जर्मनी पर ऐसा परिणाम निकालने का आरोप लगा था जिससे दोनों टीमें अगले दौर में पहुंच गई थीं और अल्जीरिया बाहर हो गया था। हालांकि दोनों टीमों ने किसी भी गलत काम से इनकार किया था और फीफा को भी कोई सबूत नहीं मिला था, लेकिन यह घटना आज भी अल्जीरियाई फुटबॉल प्रशंसकों के लिए एक दर्दनाक याद बनी हुई है।

अब अल्जीरिया के पास कैनसस सिटी में ऑस्ट्रिया के खिलाफ मुकाबले में इतिहास को पीछे छोड़कर नया अध्याय लिखने का मौका होगा। दूसरी ओर, जॉर्डन अपनी विश्व कप यात्रा का समापन अर्जेंटीना के खिलाफ मैच से करेगा।