
अमेरिका ने बुधवार को फीफा वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए बोस्निया को 2-0 से हराकर अंतिम-16 (राउंड ऑफ 16) में अपनी जगह पक्की कर ली। इस जीत के साथ अमेरिका ने 24 साल बाद नॉकआउट चरण में पहली जीत दर्ज की और टूर्नामेंट में आगे बढ़ने की अपनी उम्मीदों को मजबूत किया।
सैन फ्रांसिस्को बे एरिया में खेले गए इस मुकाबले में फोलारिन बालोगुन ने हाफ टाइम से ठीक पहले गोल कर अमेरिका को बढ़त दिलाई। हालांकि, दूसरे हाफ में उन्हें रेड कार्ड दिखा दिया गया, जिसके बाद अमेरिका को बाकी मैच 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। इसके बावजूद मालिक टिलमैन ने मैच के अंतिम चरण में शानदार फ्री-किक पर गोल कर जीत पक्की कर दी, जिससे स्टेडियम में मौजूद घरेलू प्रशंसकों में जश्न का माहौल बन गया।
इस जीत के साथ अमेरिका ने यूरोपीय टीमों के खिलाफ लगातार 10 हार का सिलसिला भी खत्म कर दिया। अब राउंड ऑफ 16 में उसका सामना बेल्जियम से होगा, जिसने दिन के पहले मुकाबले में दो गोल से पिछड़ने के बावजूद अतिरिक्त समय में सेनेगल को 3-2 से हराया था।
यह मुकाबला काफी शारीरिक टक्कर वाला रहा और कई मौकों पर किस्मत भी अमेरिका के साथ नहीं थी। बालोगुन और क्रिश्चियन पुलिसिक के गोल ऑफसाइड या अन्य कारणों से रद्द कर दिए गए, जबकि बोस्निया की मजबूत रक्षापंक्ति ने अमेरिकी खिलाड़ियों को खुलकर मौके बनाने का बहुत कम अवसर दिया।
बालोगुन पूरे पहले हाफ में खतरनाक नजर आए और आखिरकार ढीली गेंद पर सबसे तेज प्रतिक्रिया देते हुए टूर्नामेंट का अपना तीसरा गोल दाग दिया। लेकिन दूसरे हाफ में उनका मैच नाटकीय मोड़ पर पहुंच गया, जब तारिक मुहरेमोविच पर एक चुनौती के दौरान उन्हें रेड कार्ड दिखाया गया। शुरुआती नजर में यह टक्कर अनजाने में हुई लग रही थी।
अपने इतिहास का पहला वर्ल्ड कप नॉकआउट मैच खेल रही बोस्निया ज्यादा मौके नहीं बना सकी। उसकी सबसे अच्छी कोशिश अनुभवी स्ट्राइकर एडिन जेको ने की, लेकिन अमेरिकी गोलकीपर मैट फ्रीज़ ने शानदार बचाव कर दिया।
मुकाबले की शुरुआत बेहद जोशीले माहौल में हुई। किकऑफ से पहले लड़ाकू विमान स्टेडियम के ऊपर से गुजरे, जबकि पूरे मैच के दौरान घरेलू प्रशंसक लगातार “यू-एस-ए, यू-एस-ए” के नारे लगाकर टीम का उत्साह बढ़ाते रहे।







