बेन स्टोक्स के संन्यास के बाद इंग्लैंड क्रिकेट में बड़े बदलाव की मांग, माइकल वॉन ने उठाए सवाल!

बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत ट्रेंट ब्रिज में तीसरे टेस्ट में न्यूजीलैंड के हाथों 160 रन की करारी हार के साथ हुआ। इसके बाद इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने कहा कि अब इंग्लैंड क्रिकेट में शीर्ष स्तर पर बड़े बदलाव की जरूरत है।

सोमवार को मिली इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। वहीं इंग्लैंड को पिछले नौ टेस्ट मैचों में सातवीं हार का सामना करना पड़ा। स्टोक्स ने रविवार को नॉटिंघम में चौथे दिन के खेल के दौरान, जब सीरीज का फैसला अभी बाकी था, अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर सभी को चौंका दिया।

35 वर्षीय स्टोक्स, जो आमतौर पर मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते थे, इस मैच में पारी की शुरुआत करने उतरे लेकिन बड़ा स्कोर नहीं बना सके। इंग्लैंड को 373 रन का कठिन लक्ष्य मिला था, लेकिन चौथे दिन के अंत तक टीम ने तीन और विकेट गंवा दिए और 2012 के बाद पहली बार घरेलू सरज़मीं पर तीन या उससे अधिक टेस्ट मैचों की सीरीज हारने की कगार पर पहुंच गई।

जनवरी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1-4 से एशेज सीरीज हारने के बाद इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम और मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की पर भरोसा जताते हुए टीम में बदलाव की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी थी।

हालांकि, 2005 में इंग्लैंड को एशेज जिताने वाले पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने बीबीसी से कहा, “पिछले कुछ समय में जो कुछ हमने देखा है, उसके बाद क्रिकेट के लिहाज से बदलाव होना ही चाहिए। अगर न्यूजीलैंड सीरीज के बाद भी यही नेतृत्व समूह बना रहता है तो मुझे बेहद हैरानी होगी।”

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जॉफ्रा आर्चर ने कहा कि स्टोक्स के बिना टीम में खेलना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा, “अब उनके बिना खेलने की आदत डालनी होगी। वह सिर्फ कप्तान ही नहीं, बल्कि एक अच्छे दोस्त भी थे। मैदान पर चाहे मिड-ऑफ हों या मिड-ऑन, आप हमेशा उनके पास जाकर सलाह ले सकते थे। उनकी कमी हमेशा महसूस होगी।”

वहीं इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ने भी स्टोक्स के संन्यास की टाइमिंग पर सवाल उठाए।

उन्होंने लिंक्डइन पर लिखा, “रविवार को जब यह खबर सामने आई कि बेन स्टोक्स संन्यास लेने वाले हैं, तो मैं भी बाकी लोगों की तरह हैरान रह गया।”

स्ट्रॉस ने स्टोक्स को इंग्लैंड के “सच्चे महान खिलाड़ियों” में से एक बताया, लेकिन साथ ही कहा, “मुझे नहीं लगता कि जिस तरह यह सब हुआ, वह सही तरीका था। जब टीम सीरीज हार से बचने की लड़ाई लड़ रही हो, तब इस तरह की घोषणा टीम का ध्यान भटका सकती है। आखिरी सत्र का खेल भी ऐसा लग रहा था जैसे सीजन खत्म होने वाला हो।”

उन्होंने आगे कहा, “हर खिलाड़ी को अपने तरीके से विदाई लेने का अधिकार है और बेन ने यह अधिकार पूरी तरह अर्जित किया है। लेकिन मैच शुरू होने से पहले या खत्म होने के बाद संन्यास की घोषणा करना ज्यादा उचित होता। मैच के दौरान सबसे महत्वपूर्ण चीज टीम का प्रदर्शन होता है।”

स्ट्रॉस ने अंत में कहा, “यह बड़ी तस्वीर में छोटी सी शिकायत है। बेन स्टोक्स के बिना इंग्लैंड क्रिकेट पहले से कहीं कमजोर और कम दिलचस्प होगा। उनकी जगह भरना लगभग नामुमकिन होगा।”

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।