
आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के खिलाफ मुकाबले के दौरान राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग को ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते हुए कैमरे में कैद किया गया, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद बीसीसीआई को कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली और कई यूजर्स ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की। बल्लेबाजी में संघर्ष कर रहे पराग ने इस मैच में 16 गेंदों पर 29 रन बनाए थे।
आईपीएल और बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारियों ने इस हरकत को लापरवाही भरा बताया है, खासकर तब जब चारों ओर कैमरे मौजूद थे।
एक सूत्र ने पीटीआई से कहा, “कई खिलाड़ी ई-सिगरेट का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ड्रेसिंग रूम में नहीं करते। इतने कैमरों के बीच ऐसा करना बहुत जोखिम भरा और लापरवाही है। पराग का इस तरह खुलेआम वेपिंग करना बीसीसीआई को कार्रवाई करने के लिए मजबूर कर सकता है।”
भारत सरकार ने 2019 में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसमें इनके उत्पादन, बिक्री और वितरण पर रोक है। इस कानून के तहत पहली बार दोषी पाए जाने पर एक साल तक की जेल या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
इस महीने की शुरुआत में ही टीम मैनेजर रोमी भिंदर पर भी डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के कारण 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
एक अन्य सूत्र ने बताया कि आईपीएल 2026 से पहले मुंबई में हुई कप्तानों की बैठक में ड्रेसिंग रूम की प्राइवेसी का मुद्दा भी उठाया गया था। कुछ कप्तानों ने लाइव प्रसारण के दौरान कैमरों के ड्रेसिंग रूम की ओर जाने पर आपत्ति जताई थी।
सूत्र ने कहा, “यह मुद्दा खास तौर पर ई-सिगरेट से जुड़ा नहीं था, बल्कि खिलाड़ियों की प्राइवेसी को लेकर था। कई बार खिलाड़ी पूरी तरह तैयार नहीं होते या कैमरे से बचना चाहते हैं। उन्हें बताया गया कि यह फैसला ब्रॉडकास्टर का होता है, बीसीसीआई का नहीं। हालांकि इस घटना के बाद इसे दोबारा देखा जा सकता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि पराग की यह हरकत गलत थी और इसका बचाव करना मुश्किल है।
“एक शीर्ष खिलाड़ी का इस तरह धूम्रपान करते दिखना अच्छा उदाहरण नहीं है,” उन्होंने जोड़ा।
टाइम्स नाउ की एक रिपोर्ट के अनुसार, पराग पर शायद कोई सख्त कार्रवाई नहीं होगी क्योंकि आईपीएल में वेपिंग को लेकर कोई स्पष्ट नियम नहीं है। हालांकि बीसीसीआई उन्हें चेतावनी दे सकता है।
वहीं, इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई पराग से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगेगा और उसके बाद ही आगे का फैसला करेगा।
प्रोहिबिशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट्स एक्ट (PECA) 2019 के अनुसार, कोई भी व्यक्ति ई-सिगरेट का निर्माण, आयात, निर्यात, बिक्री या वितरण नहीं कर सकता और न ही इसके प्रचार में शामिल हो सकता है।
इसके अलावा, किसी भी स्थान का मालिक या उपयोगकर्ता यह अनुमति नहीं दे सकता कि वहां ई-सिगरेट का स्टॉक रखा जाए।








