
भारतीय टी20 टीम से संजू सैमसन को बाहर किए जाने के बाद क्रिकेट जगत में बहस तेज हो गई है। इस बीच भारत के पूर्व असिस्टेंट कोच अभिषेक नायर का मानना है कि अगर टीम संजू को टॉप तीन बल्लेबाजों में जगह नहीं दे सकती, तो उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं करना चाहिए।
जब एक ब्रॉडकास्टर ने पूछा कि क्या भारत तिलक वर्मा को बाहर कर संजू सैमसन को टीम में जगह देने पर विचार कर सकता है, तो नायर ने कहा कि संजू को मिडिल ऑर्डर में खिलाने से मनचाहे नतीजे नहीं मिलेंगे।
पांच मैचों की टी20 सीरीज के तीसरे मुकाबले में भारत को इंग्लैंड के खिलाफ 125 रनों से हार का सामना करना पड़ा, जो टीम की टी20 इतिहास की सबसे बड़ी हार रही।
चेन्नई सुपर किंग्स के बल्लेबाज संजू सैमसन को मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 मैच से बाहर कर दिया गया था और उनकी जगह 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका मिला। संजू ने आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों सहित अपने पिछले तीन टी20 मुकाबलों में सिर्फ छह रन बनाए थे। उनका बाहर होना इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि कुछ महीने पहले ही उन्हें टी20 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था।
नायर का मानना है कि संजू की वापसी तभी होनी चाहिए जब उन्हें उनकी पसंदीदा बल्लेबाजी पोजीशन पर खेलने का मौका मिले।
उन्होंने कहा, “मुझे सच में लगता है कि अगर आपको संजू सैमसन को वापस लाना है, तो उन्हें ऐसी जगह खिलाना होगा जहां वह सफल हो सकें। सिर्फ उन्हें टीम में लाने के लिए आप उन्हें नंबर 4, 5 या 6 पर नहीं भेज सकते। यह ऐसा रोल नहीं है जो उन्होंने ज्यादा निभाया है और ना ही इसमें उन्हें ज्यादा सफलता मिली है।”
नायर ने आगे कहा, “वह सबसे बेहतर तब रहे हैं जब उन्होंने ओपनिंग की है या टॉप तीन में बल्लेबाजी की है। इसलिए अगर आप उन्हें वह जगह नहीं दे रहे हैं, तो मुझे लगता है कि बेहतर होगा कि संजू सैमसन को न खिलाएं और भारत अपने मौजूदा बल्लेबाजी क्रम के साथ बना रहे।”
भारत के उपकप्तान तिलक वर्मा भी यूके दौरे पर संघर्ष करते नजर आए हैं। 45 गेंदों में खेली गई 56 रनों की अच्छी पारी को छोड़कर वह बाकी पांच पारियों में 20 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। मंगलवार को तीसरे टी20 मैच में वह 11 गेंदों में सिर्फ 3 रन बनाकर ऑफ स्पिनर विल जैक्स की गेंद पर स्टंप आउट हो गए।
नायर ने कहा कि खराब नतीजों के बावजूद भारतीय टीम को जल्दबाजी में बदलाव नहीं करने चाहिए। उनका मानना है कि IPL में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों पर खेलने के बाद खिलाड़ियों को आयरलैंड और इंग्लैंड की अलग परिस्थितियों में ढलने में परेशानी हुई है।
उन्होंने कहा, “उन्हें इस पर विचार करना होगा। जैसा गौतम गंभीर ने कहा कि टीम ने दो पारियों में 190 रन बनाए हैं, लेकिन वह पहले बल्लेबाजी करते हुए था। लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम संघर्ष कर रही है क्योंकि उन्होंने परिस्थितियों को सही से नहीं समझा। उन्हें रन बनाने की सही गति नहीं मिली।”
नायर ने आगे कहा, “आपको घबराकर फैसले नहीं लेने चाहिए। सिर्फ बदलाव करने के लिए बदलाव नहीं करना चाहिए। अगर संजू सैमसन को टीम में लाना है, तो मैनेजमेंट को बस यही करना होगा कि उन्हें ऐसी पोजीशन पर खिलाए जहां वह सफल हो सकें।”








