फीफा वर्ल्ड कप: हैरी केन ने पेले को पीछे छोड़ा, इंग्लैंड ने डीआर कांगो को हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह!

हैरी केन ने मैच के आखिरी 15 मिनट में दो शानदार गोल दागकर इंग्लैंड को पिछड़ने के बाद वापसी दिलाई। इंग्लैंड ने बुधवार को डीआर कांगो को 2-1 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 16 में जगह बना ली।

एक समय इंग्लैंड टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर था, जब ब्रायन सिपेंगा ने डीआर कांगो को शुरुआती बढ़त दिलाई। लेकिन कप्तान हैरी केन ने अहम मौके पर टीम की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 75वें मिनट में हेडर के जरिए बराबरी का गोल किया और फिर मैच खत्म होने से चार मिनट पहले शानदार लंबी दूरी का गोल दागकर इंग्लैंड को यादगार जीत दिला दी।

इस जीत के साथ इंग्लैंड अब रविवार को मेक्सिको सिटी में होने वाले राउंड ऑफ 16 मुकाबले में सह-मेजबान मेक्सिको से भिड़ेगा।

डीआर कांगो ने मुकाबले की शानदार शुरुआत की। मैच के सातवें मिनट में कप्तान चांसेल मबेम्बा के लंबे पास पर ब्रायन सिपेंगा ने तंग एंगल से जोरदार शॉट लगाकर गोल कर दिया। यह 28 वर्षीय खिलाड़ी का अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला गोल था, जिसने अंडरडॉग टीम को चौंकाने वाली बढ़त दिला दी।

पहले हाफ में इंग्लैंड ने बराबरी के लिए लगातार दबाव बनाया। डेकलन राइस की फ्री-किक डिफ्लेक्शन लेकर मामूली अंतर से बाहर चली गई, जबकि उनकी एक और बेहतरीन क्रॉस पर जूड बेलिंघम का हेडर गोलकीपर लियोनेल म्पासी ने शानदार बचाव करते हुए रोक दिया।

मार्कस रैशफोर्ड का शॉट आरोन वान-बिसाका ने गोल लाइन से क्लियर किया, जबकि म्पासी ने बेलिंघम और केन के अन्य प्रयास भी नाकाम कर दिए। इस दौरान इंग्लैंड की पेनल्टी की अपील भी खारिज कर दी गई।

हाफ टाइम से ठीक पहले डीआर कांगो बढ़त दोगुनी करने के करीब पहुंच गया, जब वान-बिसाका की क्रॉस पर योआने विस्सा का शॉट पोस्ट से टकरा गया।

दूसरे हाफ की शुरुआत में भी म्पासी ने बेलिंघम का एक और शानदार प्रयास रोक दिया। इंग्लैंड लगातार मजबूत कांगोली डिफेंस को भेदने में संघर्ष करता रहा। बढ़ती निराशा के बीच कोच थॉमस टुखेल ने कई बदलाव किए।

आखिरकार 75वें मिनट में इंग्लैंड को सफलता मिली, जब एंथनी गॉर्डन की सटीक क्रॉस पर हैरी केन ने अपने डिफेंडर को पीछे छोड़ते हुए शानदार हेडर से गोल कर दिया।

इसके बाद केन ने लंबी दूरी से शानदार शॉट लगाकर गेंद को नेट में पहुंचाया और इंग्लैंड की जीत पक्की कर दी।

यह फीफा वर्ल्ड कप में हैरी केन का 13वां गोल था। इसके साथ ही उन्होंने महान फुटबॉलर पेले को पीछे छोड़ते हुए टूर्नामेंट के सर्वकालिक गोल स्कोररों की सूची में उनसे आगे निकलने का गौरव हासिल कर लिया।