भारत अपनी टी20 टीम में वैभव सूर्यवंशी को कैसे सहजता से शामिल कर सकता है?

ब्रिटेन दौरे की शुरुआत से पहले भारतीय टीम के सामने सबसे बड़ा सवाल यह था कि वैभव सूर्यवंशी जैसी असाधारण प्रतिभा को पहले से संतुलित टी20 टीम में कैसे शामिल किया जाए। लेकिन आयरलैंड के खिलाफ लगातार दो चौंकाने वाली हार के बाद अब इसका सबसे स्पष्ट जवाब यही नजर आता है कि किसी भी तरह उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह दी जाए।

15 वर्षीय वैभव को खेलते देखने की उम्मीद में प्रशंसक अंतरराष्ट्रीय मैच शुरू होने से कई घंटे पहले ही स्टेडियम पहुंचने लगे थे। इसके बावजूद भारतीय टीम प्रबंधन लगातार यही कहता रहा कि चयन की एक तय प्रक्रिया होती है और उसी का पालन किया जाएगा।

हालांकि, आयरलैंड के खिलाफ मिली हार के बाद इस प्रक्रिया पर दोबारा विचार होना तय माना जा रहा है। वैभव को अंतिम एकादश में जगह नहीं मिल सकी क्योंकि संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की ओपनिंग जोड़ी ने टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया था और उन्हें अगले दौर में भी मौका दिया गया।

लेकिन जब तक मुख्य कोच गौतम गंभीर और टीम प्रबंधन सैमसन-अभिषेक की जोड़ी को अपरिहार्य मानते रहेंगे, तब तक वैभव को खिलाने का सवाल आसान नहीं होगा।

अब 1 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए टीम प्रबंधन को कोई व्यावहारिक समाधान निकालना होगा। हालांकि चयन हमेशा उतना आसान नहीं होता जितना बाहर से दिखाई देता है। पिछले कुछ वर्षों की तरह इस बार भी इंग्लैंड में गर्मियों के दौरान बल्लेबाज़ी के लिए अपेक्षाकृत सपाट पिचें मिलने की उम्मीद है।

महान बल्लेबाज़ सुनील गावस्कर ने आज तक से कहा, “आयरलैंड के खिलाफ जिस फॉर्म में वैभव सूर्यवंशी सीरीज में आए थे, उन्हें दोनों मैचों में मौका मिलना चाहिए था। अभिषेक और सैमसन को एक-एक मैच खिलाकर वैभव को दोनों मुकाबलों में उतारा जा सकता था। युवा प्रतिभा को आज़माने के लिए इससे बेहतर मंच नहीं था।”

उन्होंने आगे कहा, “इंग्लैंड के खिलाफ पहले ही मैच से उन्हें खिलाना चाहिए। टीम प्रबंधन को फॉर्म से बाहर बल्लेबाज़ों को बाहर करके वैभव को मौका देना होगा। चाहे उन्हें तीसरे नंबर पर खिलाएं और दोनों ओपनरों को बनाए रखें, लेकिन वैभव को 1 जुलाई को पहले टी20 में जरूर खेलना चाहिए। अगर इंग्लैंड को पहले ही मैच में चौंकाना है तो वैभव को उतारना ही होगा।”

अगर टीम प्रबंधन सैमसन-अभिषेक की ओपनिंग जोड़ी को बरकरार रखना चाहता है, तो बाकी बल्लेबाज़ों को नीचे खिसकाना होगा। ऐसे में ईशान किशन को एक स्थान नीचे जाना पड़ सकता है।

संभावित बल्लेबाज़ी क्रम इस तरह हो सकता है—

अभिषेक शर्मा

संजू सैमसन

वैभव सूर्यवंशी

ईशान किशन

श्रेयस अय्यर

तिलक वर्मा

शिवम दुबे

अक्षर पटेल

ऐसी स्थिति में सूर्यांश शेडगे को पहले मैच से बाहर बैठना पड़ सकता है।

मैच की परिस्थितियों और बाएं-दाएं हाथ के बल्लेबाज़ों के संयोजन के हिसाब से पांचवें से आठवें नंबर तक बल्लेबाज़ी क्रम में लचीलापन रखा जा सकता है। हालांकि समस्या यह है कि शीर्ष क्रम में केवल अभिषेक शर्मा ही पार्ट-टाइम लेफ्ट आर्म स्पिन गेंदबाज़ी करते हैं। यदि शिवम दुबे सातवें नंबर पर खेलते हैं तो उनसे चार ओवर गेंदबाज़ी की उम्मीद रहेगी।

यहीं असली चुनौती सामने आती है क्योंकि शिवम दुबे हार्दिक पांड्या जैसे ऑलराउंडर नहीं हैं। टी20 टीम में वह अधिकतम छठे गेंदबाज़ की भूमिका ही निभा सकते हैं।

आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर नियम के कारण भारतीय बल्लेबाज़ बड़े शॉट खेलने के आदी हो चुके हैं। लेकिन जैसे ही उन्हें ऐसी पिचें मिलती हैं जहां गेंदबाज़ों को थोड़ी भी मदद मिलती है, उनकी बल्लेबाज़ी मुश्किल में पड़ जाती है। ऐसा लगता है कि भारतीय बल्लेबाज़ों ने आक्रामक रणनीति विफल होने की स्थिति में पारंपरिक बैकअप प्लान को लगभग भुला दिया है।

अगर टीम पांच विशेषज्ञ गेंदबाज़ों के साथ उतरना चाहती है तो उसे ईशान किशन या तिलक वर्मा में से किसी एक की कुर्बानी देनी पड़ सकती है।

हालांकि सबसे व्यावहारिक विकल्प संजू सैमसन को बाहर बैठाना हो सकता है। यह फैसला भले ही लोकप्रिय न हो, लेकिन आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैचों में सैमसन केवल पांच रन बना सके और दो बार पहली ही गेंद पर आउट हुए। गेंदबाज़ों के अनुकूल परिस्थितियों में उनकी तकनीक भी संघर्ष करती नजर आई।

फिर भी अगर टीम संतुलन बनाए रखते हुए वैभव सूर्यवंशी को मौका देना चाहती है, तो टीम प्रबंधन को पहले संजू सैमसन से स्पष्ट बातचीत करनी होगी। बड़े फैसले अक्सर कठिन होते हैं और लंबे समय के हित में कभी-कभी किसी एक खिलाड़ी का दिल टूटना भी खेल का हिस्सा बन जाता है।