
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल अथरटन ने बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अचानक संन्यास लेने के फैसले पर हैरानी जताते हुए इसके समय को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
स्टोक्स ने क्रिकेट जगत को उस समय चौंका दिया जब उन्होंने घोषणा की कि ट्रेंट ब्रिज में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला जा रहा तीसरा टेस्ट उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मैच होगा। यह घोषणा मैच के चौथे दिन टी ब्रेक से ठीक पहले की गई, जब मुकाबला बेहद रोमांचक स्थिति में था। तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबरी पर थी और इंग्लैंड चौथी पारी में 373 रन के कठिन लक्ष्य का पीछा कर रहा था।
स्टोक्स ने रविवार को खेल शुरू होने से पहले अपने साथियों को अपने फैसले की जानकारी दे दी थी, लेकिन संन्यास की वजह बताने से इनकार करते हुए सिर्फ इतना कहा कि “कारणों पर बाद में बात होगी।”
लाइव टेस्ट मैच के बीच और हाल ही में अनुशासनात्मक विवाद से वापसी करने के तुरंत बाद की गई इस घोषणा ने क्रिकेट जगत में बहस छेड़ दी।
स्काई स्पोर्ट्स पर कमेंट्री के दौरान माइकल अथरटन ने इस फैसले को “असाधारण” बताते हुए सवाल किया कि स्टोक्स ने यह घोषणा इसी समय क्यों की।
उन्होंने कहा, “यह एक असाधारण और चौंकाने वाला पल है। इससे कई सवाल खड़े होते हैं—क्यों और आखिर अभी क्यों?”
उन्होंने आगे कहा, “जब मैच का एक दिन अभी बाकी है, मुकाबला जीता भी जा सकता है, ड्रॉ भी हो सकता है या हारा भी जा सकता है, और सीरीज दांव पर लगी है, ऐसे समय यह फैसला समझ से परे है।”
स्टोक्स का संन्यास ऐसे समय आया है जब वह पिछले कुछ हफ्तों से मुश्किल दौर से गुजर रहे थे।
लंदन के एक नाइटक्लब में साथी खिलाड़ी गस एटकिंसन के साथ हुए विवाद के बाद उन्हें दूसरे टेस्ट से बाहर कर दिया गया था। दोनों खिलाड़ियों ने पहले टेस्ट में जीत के जश्न के दौरान टीम द्वारा तय आधी रात की समय-सीमा का उल्लंघन किया था।
बाद में स्टोक्स को उनके व्यवहार के लिए लिखित चेतावनी दी गई, लेकिन उन पर कोई अतिरिक्त अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में कप्तान के रूप में वापसी की, लेकिन उनकी वापसी संन्यास की घोषणा के कारण सुर्खियों में आ गई।
अथरटन का मानना है कि पूरी सीरीज के दौरान स्टोक्स में मानसिक और कप्तानी संबंधी थकान के संकेत दिखाई दे रहे थे।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इस पूरी सीरीज में इसके संकेत दिख रहे थे। खासकर लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान वह ऐसे कप्तान लगे, जो पिछले चार वर्षों से लगातार टीम की कप्तानी करते-करते थक चुका हो।”
उन्होंने आगे कहा, “वह अनुशासनात्मक कारणों से ओवल टेस्ट नहीं खेल पाए, फिर इस टेस्ट में लौटे और अब उन्होंने फैसला कर लिया कि अब बहुत हो चुका।”
वहीं इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन का मानना है कि स्टोक्स के इस फैसले के पीछे जरूर कोई बड़ी वजह रही होगी, खासकर तब जब उनका अनुबंध अगले साल तक है और इंग्लैंड को अगले वर्ष घरेलू एशेज सीरीज भी खेलनी है।
वॉन ने कहा, “स्पष्ट है कि उनके मन में कुछ बड़ा बदलाव आया है।”
उन्होंने आगे कहा, “उनका अनुबंध अगले साल तक है और अगले वर्ष घरेलू एशेज सीरीज भी है।”
वॉन ने यह भी कहा, “काफी अफवाहें थीं कि कुछ मतभेद हुए हैं, लेकिन मैं उम्मीद करता हूं कि ऐसा नहीं हुआ होगा। मैं यही मानना चाहूंगा कि एक सुबह उठकर उन्होंने महसूस किया कि अब काफी हो चुका है। उन्होंने लंबे समय तक अपना सब कुछ इस खेल को दिया है।”







