फीफा विश्व कप: हैरी केन का आसान मौका चूका, घाना ने इंग्लैंड को ड्रॉ पर रोका!

मंगलवार को खेले गए फीफा विश्व कप के ग्रुप एल मुकाबले में इंग्लैंड को घाना के खिलाफ 0-0 की निराशाजनक ड्रॉ से संतोष करना पड़ा।

पहले मैच में क्रोएशिया को 4-2 से हराने के बाद इंग्लैंड से एक और शानदार प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन घाना की मजबूत और अनुशासित रक्षा पंक्ति ने पूरे मैच में थॉमस टुखेल की टीम को परेशान रखा।

अपने पहले मैच में पनामा के खिलाफ ड्रामेटिक जीत दर्ज करने वाली घाना की टीम स्पष्ट रणनीति के साथ मैदान पर उतरी थी। उसका लक्ष्य इंग्लैंड के हमले को रोकना और उन्हें खुलकर खेलने का मौका न देना था।

लगातार बारिश के बीच खेले गए इस मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले हाफ में लगभग 80 प्रतिशत समय गेंद अपने पास रखी, लेकिन इसके बावजूद वह साफ गोल करने के मौके नहीं बना सकी। घाना के डिफेंडरों ने कप्तान हैरी केन पर कड़ी नजर रखी और उन्हें लगातार दबाव में रखा।

पहला हाफ दोनों टीमों के लिए आक्रामक रूप से फीका रहा। इस विश्व कप में यह पहला ऐसा हाफ था जिसमें किसी भी टीम ने गोलपोस्ट पर एक भी शॉट नहीं लगाया।

मैच से पहले टुखेल ने कहा था कि अनुभवी कोच कार्लोस क्वेइरोज़ के नेतृत्व में घाना बेहद संगठित टीम होगी, और मैदान पर उनकी यह बात पूरी तरह सही साबित हुई।

हाफटाइम के दौरान इंग्लैंड के सहायक कोच एंथनी बैरी ने माना कि घाना उम्मीद से भी ज्यादा रक्षात्मक खेल रहा है और टीम को धैर्य बनाए रखने की जरूरत है।

दूसरे हाफ में गोल की तलाश में टुखेल ने कई बदलाव किए। उन्होंने बुकायो साका, निको ओ’राइली, मॉर्गन रोजर्स, एबेरेची एज़े और मार्कस रैशफोर्ड को मैदान पर उतारा।

हालांकि इंग्लैंड लगातार हमला करता रहा, लेकिन घाना भी जवाबी हमलों में खतरनाक नजर आया। एंटोनी सेमेन्यो और स्थानापन्न खिलाड़ी प्रिंस क्वाबेना अडू की रफ्तार ने कई बार इंग्लैंड की रक्षा पंक्ति को मुश्किल में डाला।

मैच का सबसे बड़ा मौका 86वें मिनट में इंग्लैंड को मिला। ओ’राइली का हेडर क्रॉसबार से टकराया और रिबाउंड सीधे हैरी केन के पास पहुंचा, लेकिन उन्होंने बेहद नजदीक से गेंद को गोलपोस्ट के ऊपर मार दिया।

मैच के बाद केन ने कहा, “मैं गेंद के ऊपर सही तरीके से नियंत्रण नहीं बना पाया। आमतौर पर ऐसे मौके पर मैं गोल करने की उम्मीद करता हूं। लेकिन फुटबॉल में ऐसा हो जाता है। मैं काफी समय से स्ट्राइकर हूं और जानता हूं कि हर मौका गोल में नहीं बदलता।”

इस ड्रॉ के बाद दोनों टीमें नॉकआउट चरण में पहुंचने की अच्छी स्थिति में हैं, लेकिन इंग्लैंड जरूर ज्यादा निराश होगा क्योंकि वह अपनी शानदार शुरुआती जीत का फायदा नहीं उठा सका।

इस परिणाम के साथ एक दिलचस्प रिकॉर्ड भी जारी रहा। इंग्लैंड अब लगातार चार बड़े टूर्नामेंटों (दो यूरो कप और दो विश्व कप) में अपने दूसरे ग्रुप मैच को ड्रॉ कराने वाली टीम बन गई है।

Previous articleदिल्ली कैपिटल्स के अभिषेक पोरेल पर यौन शोषण और धमकी देने का आरोप!
सात्विक बिस्वाल
सात्विक बिस्वाल को प्रमुख खेल आयोजनों की रिपोर्टिंग और संपादन में लगभग दो दशकों का अनुभव है। वे क्रिकेट के विशेषज्ञ हैं और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मैचों, घरेलू टूर्नामेंटों और आईपीएल की रिपोर्टिंग की है, जिसमें मैदान से कवरेज और न्यूज़ रूम से रिपोर्टिंग करना शामिल है। उन्होंने स्पोर्टस्टार, एचटी डिजिटल स्ट्रीम्स, क्रिकेटनेक्स्ट और इंडिया टुडे जैसे प्रमुख मीडिया संगठनों के साथ काम किया है। वर्षों से, उन्होंने ओलंपिक, विश्व कप, राष्ट्रमंडल खेल, एशियाई खेल और आईपीएल सहित कई महत्वपूर्ण आयोजनों की स्पोर्ट्स डेस्क पर कवरेज का नेतृत्व किया है।