
एरलिंग हॉलैंड के दो शानदार गोलों की बदौलत नॉर्वे ने सोमवार को सेनेगल को 3-2 से हराकर फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली। 28 साल बाद विश्व कप में वापसी कर रही नॉर्वे की टीम के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
मैनचेस्टर सिटी के स्टार स्ट्राइकर हॉलैंड ने अपना शानदार फॉर्म जारी रखते हुए टूर्नामेंट में दो मैचों में अपने गोलों की संख्या चार तक पहुंचा दी और एक बार फिर साबित कर दिया कि वह फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर कितना बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं।
न्यू जर्सी में बारिश के बीच खेले गए इस मुकाबले में सेनेगल ने अच्छी शुरुआत की और शुरुआती आधे घंटे तक नॉर्वे के हमले को रोककर रखा। अफ्रीकी टीम ने भी हॉलैंड को काफी हद तक शांत रखा।
हालांकि, हाफ टाइम से ठीक पहले नॉर्वे ने बढ़त हासिल कर ली। चोटिल जूलियन रायर्सन की जगह मैदान पर आए मार्कस पेडर्सन ने सेनेगल की रक्षात्मक गलती का फायदा उठाया। कप्तान कालिदू कुलीबाली गेंद को सही तरीके से क्लियर नहीं कर पाए और गोलकीपर एडुआर्ड मेंडी भी पेडर्सन के दमदार शॉट को रोकने में असफल रहे।
दूसरे हाफ की शुरुआत के कुछ ही देर बाद नॉर्वे ने अपनी बढ़त दोगुनी कर ली। मार्टिन ओडेगार्ड के शानदार पास पर हॉलैंड ने गेंद को सीधे टॉप कॉर्नर में पहुंचा दिया।
इसके दस मिनट बाद हॉलैंड ने अपना दूसरा गोल भी दाग दिया। क्रॉसबार से टकराकर वापस आई गेंद पर उन्होंने शानदार वॉली लगाते हुए गोल किया और नॉर्वे को 3-0 की मजबूत बढ़त दिला दी।
रक्षात्मक कमजोरियों के बावजूद सेनेगल ने हार नहीं मानी। दूसरे हाफ के मध्य में इस्माइला सार ने एक गोल कर अंतर कम किया और फिर इंजरी टाइम में दूसरा गोल भी दागा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
इस जीत और इराक के खिलाफ पहले मैच में मिली 4-1 की जीत के दम पर नॉर्वे ने 1998 विश्व कप के बाद पहली बार नॉकआउट चरण में जगह बनाई है।
दिन में पहले फ्रांस ने इराक को 3-0 से हराया था, जिसके बाद ग्रुप I विश्व कप का पहला ऐसा ग्रुप बन गया जिसमें दो टीमें राउंड ऑफ 32 के लिए क्वालिफाई कर चुकी हैं। अब शुक्रवार को नॉर्वे और फ्रांस के बीच ग्रुप में शीर्ष स्थान तय करने के लिए मुकाबला होगा।
वहीं, सेनेगल के पास अभी भी सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों में शामिल होकर अगले दौर में पहुंचने का मौका है, लेकिन इसके लिए उसे अन्य मैचों के परिणामों पर भी निर्भर रहना होगा।
मैच खत्म होने के बाद नॉर्वे के खिलाड़ियों ने अपने समर्थकों के साथ मैदान पर पारंपरिक “वाइकिंग क्लैप” कर जीत का जश्न मनाया। हालांकि, जब हॉलैंड से पूछा गया कि क्या यह “हॉलैंड का विश्व कप” बनता जा रहा है, तो उन्होंने उम्मीदों को नियंत्रित रखने की कोशिश की।
हॉलैंड ने कहा, “28 साल बाद विश्व कप के लिए क्वालिफाई करना और नॉकआउट चरण में पहुंचना बड़ी उपलब्धि है। लेकिन टूर्नामेंट जीतने की बात? हमें यथार्थवादी रहना होगा।”
यह मुकाबला मुश्किल मौसम के बीच खेला गया। दिनभर क्षेत्र में भारी बारिश और गरज के साथ तूफान का असर रहा, जिससे यात्रा और अन्य गतिविधियां प्रभावित हुईं। मैच के दौरान मौसम में कुछ सुधार हुआ, लेकिन अंतिम सीटी बजने के तुरंत बाद एक और मौसम चेतावनी जारी कर दी गई।








