आईसीसी ने महिला क्रिकेटरों के लिए गर्भावस्था के बाद वापसी के नए नियम जारी किए!

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने महिला क्रिकेटरों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि वे गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के बाद सुरक्षित तरीके से क्रिकेट में वापसी कर सकें।

आईसीसी ने खिलाड़ियों की वापसी के लिए 16 सप्ताह (लगभग 4 महीने) की एक विशेष योजना बनाई है। इसमें खिलाड़ियों की शारीरिक और मानसिक सेहत का ध्यान रखा जाएगा और उन्हें धीरे-धीरे दोबारा ट्रेनिंग और क्रिकेट खेलने के लिए तैयार किया जाएगा।

इस प्रक्रिया को छह चरणों में बांटा गया है: रेडी, रिव्यू, रिस्टोर, रिकंडीशन, रिटर्न और रिफाइन।

आईसीसी के अनुसार, इस योजना में प्रसव के बाद रिकवरी, स्वास्थ्य जांच, फिटनेस ट्रेनिंग, क्रिकेट अभ्यास और मैदान पर वापसी के बाद निगरानी शामिल होगी।

हर खिलाड़ी के लिए एक “केस मैनेजर” भी नियुक्त किया जाएगा, जो डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट होगा। वह खिलाड़ी की पूरी रिकवरी प्रक्रिया पर नजर रखेगा।

शुरुआत में खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य और मातृत्व के साथ नए जीवन को संभालने पर ध्यान दिया जाएगा। इसके बाद धीरे-धीरे फिटनेस और ताकत बढ़ाने वाली ट्रेनिंग शुरू होगी। करीब आठ सप्ताह बाद डॉक्टर की सलाह पर खिलाड़ी दौड़ना और ज्यादा अभ्यास करना शुरू कर सकेंगी।

आईसीसी अध्यक्ष जय शाह ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी को मां बनने और अपने देश के लिए खेलने के बीच चुनाव नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कदम महिला क्रिकेटरों को बेहतर समर्थन देने और उनके करियर को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

इन दिशा-निर्देशों को तैयार करने में ऑस्ट्रेलिया टीम की डॉक्टर डॉ. फिलिपा इंगे ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने सुझाव दिया कि खिलाड़ियों को लचीला ट्रेनिंग माहौल, बच्चों की देखभाल की सुविधा, यात्रा सहायता और शिशुओं की देखभाल के लिए उचित स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

वेस्टइंडीज़ की क्रिकेटर अफी फ्लेचर, जिन्होंने 2021 में मां बनने के बाद क्रिकेट में वापसी की, ने इस पहल की सराहना की।

उन्होंने कहा, “अब खिलाड़ी परिवार शुरू करने के बाद भी अपने क्रिकेट करियर को जारी रख सकेंगी। यह महिला क्रिकेट के लिए बहुत अच्छा कदम है।”

फ्लेचर ने बताया कि मां बनने के बाद वापसी आसान नहीं थी। शारीरिक रिकवरी के साथ-साथ बच्चे से दूर रहना भी उनके लिए इमोशनली कठिन था।

उन्होंने कहा, “अब मैदान पर मेरा हर पल मेरे बेटे से प्रेरित होता है। हर खिलाड़ी का सफर अलग होता है, लेकिन सही समर्थन और धैर्य के साथ वापसी संभव है।”