
किशोर सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने फाइनल मुकाबले में अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए मात्र 29 गेंदों में शानदार 94 रन बनाए, जिसकी बदौलत भारत ए ने रविवार को दांबुला में श्रीलंका ए को 66 रन से हराकर त्रिकोणीय ए सीरीज का खिताब अपने नाम कर लिया।
श्रीलंका ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन 15 वर्षीय वैभव ने रिकॉर्ड 11 गेंदों में लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक जड़ते हुए भारत ए को 50 ओवर में 377/9 के विशाल स्कोर तक पहुंचाया। उनकी पारी में 10 चौके और 8 छक्के शामिल थे।
वैभव ने श्रीलंकाई सेना के लिए 2021 में थिसारा परेरा द्वारा बनाए गए 13 गेंदों के अर्धशतक के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक बनाया।
378 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका ए की टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही और 47.1 ओवर में 311 रन पर ऑलआउट हो गई। उनकी पारी में सदीरा समरविक्रमा (52 रन, 44 गेंद) और वानुजा सहान (62 रन, 69 गेंद) ही कुछ संघर्ष कर सके।
भारत ए के लिए नई गेंद से यश ठाकुर ने 7 ओवर में 45 रन देकर 3 विकेट लिए, जबकि विपराज निगम ने 9.1 ओवर में 60 रन देकर 3 विकेट झटके। कप्तान तिलक वर्मा ने भी ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए 2 ओवर में 11 रन देकर 1 विकेट हासिल किया।
वैभव की विस्फोटक पारी के बाद तिलक वर्मा ने 90 गेंदों में संयमित 67 रन बनाकर टीम की पारी को संभाला और सुनिश्चित किया कि कोई बड़ी चूक न हो।
मध्य ओवरों तक भारत ए का स्कोर 209/2 था, लेकिन इसके बाद रविंदु फर्नांडो (2/72) और वानुजा सहान (2/39) ने कुछ विकेट लेकर वापसी की। अंतिम ओवरों में नंबर 9 पर बल्लेबाजी करने आए अनुकूल रॉय ने 15 गेंदों में 39 रन (1 चौका, 4 छक्के) बनाकर टीम को और मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
लेकिन मैच का सबसे बड़ा आकर्षण वैभव सूर्यवंशी की पारी रही। बिहार के समस्तीपुर से आने वाले इस युवा बल्लेबाज ने 2005 में श्रीलंका के कौशल्या वीररत्ने द्वारा बनाए गए 12 गेंदों में अर्धशतक के 21 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ते हुए केवल 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।
पूरे टूर्नामेंट में साधारण प्रदर्शन के बाद वैभव फाइनल में अलग ही अंदाज में उतरे। उन्होंने शुरुआत से ही श्रीलंकाई गेंदबाजों पर हमला बोल दिया और अपनी पहली 11 गेंदों में ही 50 रन बना डाले। उनकी पहली 11 गेंदों का स्कोर था:
4, 4, 4, 6, 6, 0, 6, 4, 4, 6, 6
उन्होंने गेंदबाज दुलज समुधिता के एक ओवर में लगातार दो छक्के लगाकर रिकॉर्ड अपने नाम किया। अर्धशतक तक पहुंचने के दौरान उन्होंने 5 छक्के और 5 चौके लगाए।
वैभव ने सिर्फ ताकत ही नहीं, बल्कि शानदार टाइमिंग का भी प्रदर्शन किया। शुरुआत में लेग साइड पर आक्रमण करने के बाद जब श्रीलंका ए ने ऑन साइड पर अतिरिक्त फील्डर लगाया तो उन्होंने आसानी से ऑफ साइड में रन बटोरने शुरू कर दिए।
उनकी पारी का सबसे आकर्षक हिस्सा एक्स्ट्रा कवर के ऊपर लगाए गए छक्के रहे। इस क्षेत्र में लगाए गए तीन बेहतरीन छक्कों ने उनकी बैट स्पीड, आत्मविश्वास और निडरता को दर्शाया, जिसने उन्हें भारत के सबसे रोमांचक युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है।
प्रियांश आर्य (39 रन) के साथ पहले विकेट के लिए 132 रन जोड़ने वाले वैभव लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे तेज शतक बनाने की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन नौवें ओवर में स्पिनर सहान अराच्चिगे की गेंद पर मिड-ऑफ में कैच आउट होकर उनकी शानदार पारी का अंत हुआ। अगले ही ओवर में प्रियंश भी पवेलियन लौट गए।
इसके बाद ऋतुराज गायकवाड़ (40 रन) और तिलक वर्मा ने तीसरे विकेट के लिए 63 रन जोड़कर पारी को आगे बढ़ाया। अंतिम ओवरों में विकेट गिरते रहे, लेकिन विपराज निगम और अनुकूल रॉय ने तेज रन बनाकर भारत ए को 377 रन तक पहुंचा दिया।
वैभव सूर्यवंशी की यह पारी एक बार फिर साबित करती है कि भारतीय क्रिकेट को एक बेहद खास और निडर प्रतिभा मिल चुकी है।








