
गुरुवार को खेले गए फीफा विश्व कप मुकाबले में मेक्सिको ने लुइस रोमो के दूसरे हाफ में किए गए गोल की बदौलत दक्षिण कोरिया को 1-0 से हरा दिया। इस जीत के साथ मेक्सिको ग्रुप ए में शीर्ष स्थान पर रहते हुए राउंड ऑफ 32 में पहुंच गया और उसे घरेलू मैदान का फायदा भी मिलेगा।
इस जीत से मेक्सिको के दो मैचों में छह अंक हो गए और उसने नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली। साथ ही यह भी तय हो गया कि उसका राउंड ऑफ 32 मुकाबला 30 जून को मेक्सिको सिटी में खेला जाएगा। मेक्सिको इस विश्व कप में नॉकआउट दौर में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई।
मैच का एकमात्र गोल दूसरे हाफ की शुरुआत के तीन मिनट बाद आया। दक्षिण कोरिया के गोलकीपर किम सियुंग-ग्यू अपने ही साथी खिलाड़ी से टकरा गए और क्रॉस को पकड़ने में असफल रहे। इस गलती का फायदा उठाते हुए लुइस रोमो ने आसानी से खाली गोल में गेंद डाल दी।
पहले हाफ में मेक्सिको का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था और कुछ घरेलू दर्शकों ने हाफ टाइम पर टीम की हूटिंग भी की थी। लेकिन रोमो के गोल ने पूरे स्टेडियम का माहौल बदल दिया।
मेक्सिको ने मैच की शुरुआत अच्छी की और गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा, लेकिन साफ मौके बनाने में संघर्ष करता रहा। वहीं, जैसे-जैसे पहला हाफ आगे बढ़ा, दक्षिण कोरिया खेल में मजबूत होता गया और ज्यादा खतरनाक नजर आया।
सीज़र मोंटेस के निलंबन के कारण डिफेंस में खेल रहे मेक्सिको के कप्तान एडसन अल्वारेज़ ने शानदार ओवरहेड क्लियरेंस कर सोन ह्युंग-मिन के प्रयास को गोल लाइन से बाहर निकाला। हालांकि बाद में दक्षिण कोरियाई कप्तान को ऑफसाइड करार दिया गया।
पहले हाफ के अंत तक दक्षिण कोरिया बेहतर टीम नजर आ रही थी और उसने मेक्सिको को कई मुश्किलों में डाला।
दूसरे हाफ में रोमो के गोल ने मेक्सिको को नई ऊर्जा दी और टीम ने मैच पर फिर से नियंत्रण स्थापित कर लिया।
दूसरे हाफ के बीच में मेक्सिको अपनी बढ़त लगभग दोगुनी कर सकता था। जूलियन किन्योनेस के पास पर राउल जिमेनेज़ ने नजदीक से जोरदार वॉली लगाई, लेकिन किम सियुंग-ग्यू ने शानदार बचाव करते हुए गोल नहीं होने दिया।
दक्षिण कोरियाई गोलकीपर ने बाद में एक और बेहतरीन बचाव कर स्थानापन्न खिलाड़ी ओबेद वर्गास के दूर से लगाए गए शॉट को भी रोक दिया।
मैच के अंतिम मिनटों में दक्षिण कोरिया बराबरी के गोल की तलाश में लगातार हमला करता रहा और कई बार गोल के करीब भी पहुंचा। लेकिन मेक्सिको के गोलकीपर राउल रेंगेल ने लगातार दो शानदार बचाव कर टीम की बढ़त सुरक्षित रखी।
पहले उन्होंने नजदीक से आए शॉट को पैर से रोका और फिर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए रिबाउंड पर भी गोल लाइन से बचाव कर लिया।
आखिरी मिनटों में मेक्सिको को लगातार दबाव झेलना पड़ा, लेकिन टीम ने मजबूती से मुकाबला किया और लगातार दूसरी जीत हासिल कर नॉकआउट में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई। अब अगले दौर में उसका सामना किसी तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम से होगा।
यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि मेक्सिको ने पहली बार मेक्सिको सिटी के बाहर अपने घरेलू मैदान पर विश्व कप ग्रुप चरण का मुकाबला जीता। साथ ही 2002 के बाद पहली बार उसने विश्व कप ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया।
मेक्सिको अब अपने अंतिम ग्रुप मैच में चेक गणराज्य का सामना करेगा, जबकि दक्षिण कोरिया के पास अभी भी नॉकआउट में पहुंचने का मौका है। इसके लिए उसे बुधवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीत दर्ज करनी होगी।








