
जब 2026 के शुरुआती महीनों में दीप्ति शर्मा को विकेट नहीं मिल रहे थे, तब भी वह ज्यादा चिंतित नहीं थीं क्योंकि उन्हें विश्वास था कि उनका समय जरूर आएगा।
इस साल ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका दौरों पर दीप्ति का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। कुछ मैचों को छोड़ दें तो वह न तो बल्ले से बड़ी पारियां खेल सकीं और न ही गेंद से ज्यादा विकेट हासिल कर पाईं।
हालांकि, रविवार को एजबेस्टन में पाकिस्तान के खिलाफ भारत के महिला टी20 विश्व कप के पहले मुकाबले में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में से एक दीप्ति ने शानदार वापसी की। उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में 10 रन देकर 5 विकेट झटके और भारत को 64 रन की बड़ी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
मैच के बाद दीप्ति ने कहा, “जब मुझे विकेट नहीं मिल रहे थे, तब मैं परेशान नहीं थी क्योंकि मुझे पता था कि सही समय आने पर मैं आगे आकर प्रदर्शन करूंगी।”
आईसीसी टूर्नामेंटों में दीप्ति का शानदार रिकॉर्ड इस मैच में भी जारी रहा। एजबेस्टन की पिच से मिल रही टर्न ने उनके लिए मददगार भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा, “मुझे इस तरह की विकेट पसंद हैं क्योंकि यहां गेंद टर्न हो रही थी। मैंने अपनी गति में बदलाव किया। गेंद घूम रही थी, इसलिए मुझे हवा में गेंद धीमी रखनी थी, खुद पर भरोसा करना था और सही क्षेत्रों में गेंदबाजी करनी थी। लेकिन मैं विशेष रूप से स्मृति (मंधाना) और हैरी दी (हरमनप्रीत कौर) की 91 रन की साझेदारी का जिक्र करना चाहूंगी।”
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी दीप्ति और स्मृति के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की।
उन्होंने कहा, “जब भी टीम को जरूरत होती है, वे (मंधाना और दीप्ति) हमेशा टीम को आगे बढ़ाने के लिए मौजूद रहती हैं।”
हरमनप्रीत ने माना कि पिच बल्लेबाजी के लिए खराब नहीं थी।
“यह एक अच्छी विकेट थी। शुरुआत में हमने खुद पर बेवजह दबाव बना लिया था। लेकिन जब मैं और स्मृति बल्लेबाजी कर रहे थे, तो हमने मैच को नियंत्रित करने की कोशिश की।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या ऋचा घोष को भारती फुलमाली से पहले भेजा जा सकता था, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “अगर यह मेरे हाथ में होता तो मैं उन्हें पहली ही गेंद पर बल्लेबाजी के लिए भेज देती। लेकिन टीम में उनकी एक भूमिका है और वह उसे बहुत अच्छी तरह निभा रही हैं।”
हरमनप्रीत इस बात से बेहद खुश थीं कि भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी जीत हासिल की, खासकर तब जब इसी ग्रुप में दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमें भी मौजूद हैं।
उन्होंने कहा, “हर लीग मैच महत्वपूर्ण है और मैं बहुत खुश हूं कि हमने जिस तरह यह मुकाबला खेला।”
वहीं पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने माना कि उनकी टीम बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी।
उन्होंने निराश स्वर में कहा, “हमारी बल्लेबाजी बहुत निराशाजनक रही। हमें बेहतर प्रदर्शन करना होगा क्योंकि टूर्नामेंट में अभी लंबा सफर बाकी है। गेंदबाजी में हम आखिरी कुछ ओवरों तक अच्छे थे, लेकिन उसके बाद हमने ढील दे दी। एक अतिरिक्त फील्डर के अंदर आने से भी असर पड़ा। यह एक युवा टीम है और खिलाड़ी इससे सीखेंगे।”








