
रविवार को खेले गए फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप एफ मुकाबले में जापान ने शानदार जुझारूपन दिखाते हुए नीदरलैंड्स के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेला। मैच के अंतिम क्षणों में किए गए गोल की बदौलत जापान ने हार से बचते हुए एक महत्वपूर्ण अंक हासिल किया।
जापान को यह रोमांचक बराबरी 88वें मिनट में दाइची कामादा के गोल से मिली। कोकी ओगावा का शक्तिशाली हेडर गोल की ओर जा रहा था, लेकिन गेंद कामादा के सिर से हल्की टकराकर दिशा बदल गई और गोलकीपर बार्ट वेरब्रुगेन को चकमा देते हुए जाल में जा समाई।
यह मैच में जापान का दूसरा बराबरी का गोल था। इससे पहले जापान पिछड़ गया था जब क्रिसेन्सियो समरविल ने शानदार कर्लिंग शॉट के जरिए नीदरलैंड्स को बढ़त दिलाई थी। उससे पहले केइटो नाकामुरा ने वर्जिल वान डाइक के गोल की बराबरी की थी।
जापान की टीम अपने कप्तान वातारू एंडो के बिना मैदान में उतरी थी, जो चोट के कारण मैच से बाहर थे। लेकिन चार बार के एशियाई चैंपियन ने अपने प्रभावशाली मिडफील्डर की कमी को शानदार टीम प्रदर्शन से पूरा किया।
मैच के बाद जापान के कोच हाजिमे मोरियासु ने कहा, “खिलाड़ियों ने हमारी तैयारियों और रणनीति को बेहतरीन तरीके से मैदान पर उतारा। शुरुआती मैच से पहले कई मुश्किल परिस्थितियां थीं, लेकिन टीम ने एकजुटता दिखाई। अप्रत्याशित हालात के बावजूद खिलाड़ियों ने धैर्य बनाए रखा और सामने आई चुनौतियों का सामना किया।”
मैच की शुरुआत से ही जापान को सतर्क रहना पड़ा। तीसरे मिनट में गोलकीपर ज़ायन सुजुकी ने डोनियल मालेन के शॉट को शानदार तरीके से क्रॉसबार के ऊपर भेजकर टीम को शुरुआती झटका लगने से बचाया।
इस शुरुआती खतरे के बाद जापान ने खेल पर नियंत्रण बनाना शुरू किया। 34वें मिनट में हिरोकी इतो ने मालेन को रोकते हुए मजबूत रक्षात्मक प्रदर्शन किया। इसके कुछ देर बाद सुजुकी ने एक कॉर्नर से आए मालेन के हेडर को भी बचाया।
हाफटाइम से पहले जापान बढ़त लेने के बेहद करीब पहुंच गया था। रित्सु डोआन के क्रॉस पर केइटो नाकामुरा का शॉट गोल से बाहर चला गया, जबकि कुछ ही क्षण बाद अयासे उएदा की कोशिश साइड नेटिंग से टकराई।
दूसरे हाफ की शुरुआत नीदरलैंड्स ने आक्रामक अंदाज में की और 51वें मिनट में बढ़त हासिल कर ली। तिजानी रेइंडर्स की फ्री-किक को जापानी डिफेंस ने आंशिक रूप से क्लियर किया, लेकिन फ्रेंकी डी जोंग ने तुरंत गेंद रयान ग्रावेनबर्च को दी। ग्रावेनबर्च के सटीक क्रॉस पर उनके लिवरपूल टीममेट वर्जिल वान डाइक ने हेडर के जरिए गोल कर दिया।
हालांकि जापान ने सिर्फ सात मिनट बाद जवाब दे दिया। ताकेफुसा कुबो के कटबैक पर नाकामुरा का शॉट डिफ्लेक्शन लेकर गोलपोस्ट के निचले कोने में पहुंच गया।
लेकिन स्कोर ज्यादा देर तक बराबर नहीं रहा। सात मिनट बाद ही समरविल ने बॉक्स के अंदर से शानदार बाएं पैर के शॉट के जरिए नीदरलैंड्स को फिर बढ़त दिला दी।
इसके बाद जापान लगातार बराबरी की तलाश में जुटा रहा। कुबो का एक प्रयास बार के ऊपर चला गया, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी।
अंततः 88वें मिनट में ओगावा के हेडर ने कामादा को छूते हुए दिशा बदली और गोल में पहुंच गया, जिससे जापान को एक बेहद महत्वपूर्ण अंक मिल गया।
दो बार बढ़त गंवाने के बाद नीदरलैंड्स के कोच रोनाल्ड कोमान निराश नजर आए। अब डच टीम अपने अगले ग्रुप मुकाबले में ह्यूस्टन में स्वीडन का सामना करेगी।
कोमान ने कहा, “यह निराशाजनक है। जब आप दो बार बढ़त हासिल करते हैं और फिर भी मैच नहीं जीत पाते, तो दुख होता है। लेकिन हमें अपने प्रतिद्वंद्वी की ताकत को कम नहीं आंकना चाहिए। मेरी राय में जापान ने बेहतरीन खेल दिखाया।”








