नितीश रेड्डी ने सुधार के बावजूद खुद को बताया ‘वर्क इन प्रोग्रेस’!

भारत और अफगानिस्तान के बीच शनिवार को धर्मशाला में खेले गए पहले वनडे मैच में नितीश कुमार रेड्डी की गेंदबाजी में हाल ही में किए गए बदलावों का असर साफ दिखाई दिया। अपने गेंदबाजी एक्शन और रन-अप पर काम करने का फायदा उन्हें इस मुकाबले में मिला।

आईपीएल से पहले इंग्लैंड के कोच स्टीफन जोन्स के साथ काम करने के बाद नितीश ने अपनी गति और सटीकता दोनों में काफी सुधार किया है।

भारतीय टीम प्रबंधन 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए नितीश को चोटों से जूझने वाले स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या के बैकअप के रूप में तैयार कर रहा है। उनकी बल्लेबाजी क्षमता पर कभी सवाल नहीं रहे, और अब वह गेंदबाजी में भी लगातार प्रभाव छोड़ रहे हैं।

विशाखापट्टनम में जन्मे नितीश ने अफगानिस्तान के सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज को एक बेहतरीन यॉर्कर पर आउट किया। खास बात यह रही कि गुरबाज ने उनकी पहली ही गेंद पर छक्का जड़ दिया था, लेकिन बाद में नितीश ने शानदार वापसी करते हुए उनका विकेट हासिल कर लिया।

नितीश ने कहा कि वह यॉर्कर को आक्रामक और रक्षात्मक दोनों हथियार के रूप में इस्तेमाल करते हैं और गुरबाज की खतरनाक बल्लेबाजी को रोकना जरूरी था।

उन्होंने कहा, “मैं कहूंगा कि मैं इस तरह की परिस्थितियों के लिए पहले से तैयार था। शायद वनडे में नहीं, लेकिन टी20 और आईपीएल जैसे टूर्नामेंटों में ऐसी स्थिति आने की उम्मीद थी।”

“इम्पैक्ट प्लेयर नियम के कारण मैं कई बार पूरे चार ओवर नहीं फेंक पाता था। कुछ मैचों में दो ओवर मिले, लेकिन कुछ मुकाबलों में चार ओवर भी डालने पड़ सकते थे, इसलिए मैं खुद को तैयार रख रहा था।”

“जब कप्तान मुझे गेंद दे तो मैं बिना योजना के नहीं होना चाहता। अगर मैचों में नियमित गेंदबाजी नहीं मिल रही थी तो कम से कम अभ्यास में मैं अपनी तैयारियां पूरी कर रहा था ताकि सही समय आने पर तैयार रहूं।”

अफगानिस्तान के खिलाफ बारिश से प्रभावित मैच में नितीश ने अलग-अलग चरणों में चार ओवर फेंके। हालांकि आईपीएल में उन्हें अक्सर पूरा स्पेल डालने का मौका नहीं मिलता था।

उन्होंने इम्पैक्ट प्लेयर नियम की आलोचना करते हुए कहा, “ऑलराउंडरों के लिए यह थोड़ा मुश्किल हो जाता है क्योंकि हम हमेशा चार ओवर गेंदबाजी की उम्मीद करते हैं। पहले अगर एक-दो ओवर खराब हो जाते थे तो वापसी का मौका मिलता था।”

“लेकिन अब अगर आपने एक-दो ओवर खराब फेंक दिए तो शायद वहीं आपका टूर्नामेंट खत्म हो सकता है।”

“गेंदबाजों और ऑलराउंडरों को चार ओवर मिलने चाहिए। इससे उन्हें अनुभव मिलता है और वापसी का मौका भी। असली मानसिकता तभी दिखाई देती है जब खिलाड़ी खराब शुरुआत के बाद वापसी करता है।”

नितीश ने बताया कि उन्होंने अपनी गेंदबाजी तकनीक में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, हालांकि वह अभी भी खुद को सीखने और सुधारने की प्रक्रिया में मानते हैं।

उन्होंने कहा, “मैंने महसूस किया कि मैं फ्रंट-ऑन गेंदबाज हूं। इसलिए मैंने अपनी स्ट्राइड लेंथ और रन-अप की गति पर काम किया। इसके कारण मेरे गेंदबाजी एक्शन में थोड़ा बदलाव आया है।”

“अब चीजें बेहतर हो रही हैं, लेकिन अभी भी कई सुधार बाकी हैं और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मैं उन पर भी काम करूंगा।”

स्टीफन जोन्स के साथ अपने काम के बारे में नितीश ने कहा, “मैंने उनके साथ सिर्फ सात दिन काम किया है। हमने बहुत ज्यादा काम नहीं किया, लेकिन हमने यह जरूर तय किया कि आने वाले समय में हमें क्या हासिल करना है।”

“हमने उसी दिशा में काम किया और मैंने कुछ ऐसे बिंदु सीखे जिनमें मुझे अपनी गेंदबाजी में बदलाव करने की जरूरत है। हम अभी भी उस पर काम कर रहे हैं।”

भारत के लिए अफगानिस्तान के खिलाफ पहले वनडे में नितीश रेड्डी ने दिखाया कि वह सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि गेंदबाजी में भी टीम के लिए एक मजबूत विकल्प बन सकते हैं। 2027 विश्व कप की तैयारी के बीच उनका यह विकास भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।