महिला टी20 वर्ल्ड कप: स्टार बल्लेबाजों पर टिकी भारत की उम्मीदें, गेंदबाजी पर उठ रहे सवाल!

पूर्व इंग्लैंड कप्तान नासिर हुसैन ने गुरुवार को कहा कि महिला टी20 वर्ल्ड कप भारतीय खिलाड़ियों दीप्ति शर्मा और स्मृति मंधाना के लिए बिल्कुल सही समय पर आया है, क्योंकि हाल के समय में दोनों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत शांत रहा था।

महिला टी20 वर्ल्ड कप से पहले उपकप्तान स्मृति मंधाना इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों में सिर्फ 40 रन बना सकीं, जबकि दीप्ति शर्मा को इस साल की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में संघर्ष करना पड़ा था।

हुसैन का मानना है कि मंधाना अपनी फॉर्म से सभी को चौंका सकती हैं, जबकि अनुभवी और समझदार दीप्ति भारतीय टीम की सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से एक हैं।

जियोस्टार मीडिया डे के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए आईसीसी विशेषज्ञ हुसैन ने कहा, “अगर मैं किसी बड़े टूर्नामेंट के बड़े मुकाबले में उतर रहा हूं, तो मैं निश्चित रूप से दीप्ति शर्मा को अपनी टीम में रखना चाहूंगा। आप चाहते हैं कि आपके साथ ऐसे खिलाड़ी हों जो हालात को समझते हों और दबाव में सही फैसले लेना जानते हों, और दीप्ति बिल्कुल वैसी खिलाड़ी हैं।”

जब उनसे पूछा गया कि कौन सा खिलाड़ी सभी को चौंका सकता है, तो उन्होंने भारतीय सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना का नाम लिया।

उन्होंने कहा, “मैंने स्मृति मंधाना का भी नाम लिया था। हाल के समय में जिन दो खिलाड़ियों का प्रदर्शन थोड़ा शांत रहा है, उनके लिए यह वर्ल्ड कप सही समय पर आया है।”

“वर्ल्ड कप शुरू होने के बाद किसी को यह याद नहीं रहेगा कि द्विपक्षीय सीरीज में क्या हुआ था।”

“किसी को दक्षिण अफ्रीका या ऑस्ट्रेलिया में हुए प्रदर्शन की परवाह नहीं होगी। सब यही देखेंगे कि आपने वर्ल्ड कप में कैसा खेल दिखाया। कुछ खिलाड़ी बड़े टूर्नामेंटों में अपना स्तर और ऊपर उठा लेते हैं।”

“दीप्ति शर्मा बिल्कुल ऐसी खिलाड़ी हैं। उन्होंने यहां ‘द हंड्रेड’ खेला है और भारत के लिए इंग्लैंड में काफी क्रिकेट खेली है, इसलिए उन्हें यहां की परिस्थितियों की अच्छी समझ है।”

हुसैन ने कहा कि भारत की बल्लेबाजी चिंता का विषय नहीं है, लेकिन गेंदबाजी संयोजन टीम प्रबंधन के लिए बड़ा सिरदर्द बना हुआ है।

उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि भारत की बल्लेबाजी में कोई समस्या है। पूरे दौरे में उन्होंने काफी अच्छी बल्लेबाजी की है।”

“लेकिन गेंदबाजी की रणनीति पर सवाल हैं। वे 170 रन का स्कोर भी बचा नहीं पा रहे हैं, और जब 170-180 रन का पीछा करते हैं तो खुद दबाव में आ जाते हैं।”

“मुझे उनकी निडर बल्लेबाजी, बल्लेबाजी की गहराई और फिनिशर के रूप में ऋचा घोष बहुत पसंद हैं। असली चिंता फील्डिंग और गेंदबाजी को लेकर है।”

उन्होंने आगे कहा, “क्या वे शेफाली वर्मा को पांचवें या छठे गेंदबाज के रूप में इस्तेमाल करेंगे? नई गेंद किसे सौंपी जाएगी? यही वे मुद्दे हैं जिन पर टीम प्रबंधन सबसे ज्यादा विचार कर रहा होगा।”

भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर बात करते हुए हुसैन ने कहा कि पाकिस्तान को सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अन्य शीर्ष टीमों के खिलाफ भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

उन्होंने कहा, “भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी खेल में जबरदस्त प्रतिद्वंद्विता होती है, लेकिन हाल के वर्षों में पुरुष और महिला क्रिकेट में, खासकर आईसीसी टूर्नामेंटों में, मुकाबले उतने करीबी नहीं रहे हैं।”

“फिर भी यह भारत बनाम पाकिस्तान है और टी20 ऐसा प्रारूप है जिसमें उलटफेर संभव हैं। हमने अभ्यास मैचों में और उससे पहले भी देखा है कि स्कॉटलैंड, आयरलैंड और नीदरलैंड जैसी टीमें अच्छा क्रिकेट खेल रही हैं।”

सेमीफाइनल की संभावनाओं पर हुसैन ने कहा कि आखिरकार बड़ी टीमें ही आगे बढ़ती नजर आती हैं, हालांकि हर टीम की अपनी चुनौतियां हैं।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि वही पारंपरिक मजबूत टीमें आगे बढ़ेंगी। ऑस्ट्रेलिया पिछले दो आईसीसी टूर्नामेंटों में अपने स्तर के अनुसार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया है, लेकिन वह दुनिया की सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट टीमों में से एक है।”

“मैं अभी भी ऑस्ट्रेलिया को नजरअंदाज नहीं कर सकता, हालांकि वे भारत और दक्षिण अफ्रीका वाले कठिन ग्रुप में हैं।”

“हाल के वर्षों में भारत और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों ने काफी सुधार किया है और यही वजह है कि ऑस्ट्रेलिया पिछले दो बड़े टूर्नामेंट नहीं जीत पाया।”

इंग्लैंड को लेकर उन्होंने कहा, “इंग्लैंड घरेलू परिस्थितियों में बहुत अच्छा क्रिकेट खेल रहा है, लेकिन उनकी असली परीक्षा नॉकआउट मुकाबलों में होगी। जब जीतना अनिवार्य होगा, तब क्या वे दबाव झेल पाएंगे?”

न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज को लेकर भी हुसैन ने सकारात्मक राय रखी।

उन्होंने कहा, “न्यूजीलैंड इस फॉर्मेट का मौजूदा विश्व चैंपियन है, लेकिन लोग अक्सर इसे भूल जाते हैं। मेली केर के नेतृत्व में यह एक मजबूत टीम है और खिताब की दौड़ में जरूर रहेगी।”

“मुझे वेस्टइंडीज को लेकर भी अच्छा एहसास है। वे पहले यह टूर्नामेंट जीत चुके हैं और एक बेहद खतरनाक टीम हैं।”