
भारत अब तक सीनियर पुरुष फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले पाया है, लेकिन फीफा वर्ल्ड कप 2026 में भारत का एक खास जुड़ाव जरूर देखने को मिलेगा।
हालांकि भारत ने 1950 फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया था, लेकिन यात्रा खर्च और 1952 ओलंपिक को प्राथमिकता देने के कारण टीम ने टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया था।
11 जून 2026 से अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में आयोजित होने वाले 48 टीमों वाले विस्तारित फीफा वर्ल्ड कप में भारतीय फुटबॉल टीम भले ही न खेल रही हो, लेकिन भारतीय मूल के चार खिलाड़ी अलग-अलग देशों का प्रतिनिधित्व करते नजर आएंगे।
भारतीय मूल के चार खिलाड़ी
तहसीन मोहम्मद जमशीद (कतर)
सिर्फ 19 वर्षीय तहसीन मोहम्मद जमशीद का जन्म 16 जून 2006 को हुआ था। उनके माता-पिता जमशीद और शाइमा मूल रूप से केरल के कन्नूर से हैं। वर्ष 1996 में उनका परिवार कतर चला गया था। उनके पिता वर्तमान में कतर में अकाउंटेंट हैं और कभी कैलिकट यूनिवर्सिटी की फुटबॉल टीम के खिलाड़ी रह चुके हैं।
तहसीन ने कतर की प्रसिद्ध एस्पायर अकादमी में प्रशिक्षण लिया और बाद में अल दुहैल क्लब से जुड़े। वह कतर के सबसे होनहार युवा अटैकिंग खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने कतर की सीनियर, अंडर-23, अंडर-20 और युवा टीमों का प्रतिनिधित्व किया है। जून 2024 में उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ फीफा वर्ल्ड कप 2026 क्वालिफायर में कतर के लिए सीनियर डेब्यू किया था।
सरप्रीत सिंह (न्यूज़ीलैंड)
सरप्रीत सिंह का जन्म 20 फरवरी 1997 को ऑकलैंड, न्यूज़ीलैंड में हुआ था। उनके माता-पिता पंजाब के जालंधर से हैं।
वेलिंगटन फीनिक्स के लिए शानदार प्रदर्शन के बाद 2019 में उन्हें जर्मनी के दिग्गज क्लब बायर्न म्यूनिख ने अनुबंधित किया था। इसके बाद उन्होंने जर्मनी और पुर्तगाल में भी खेला। वर्तमान में वह वेलिंगटन फीनिक्स से जुड़े हुए हैं।
सरप्रीत ने 2018 में न्यूज़ीलैंड के लिए सीनियर डेब्यू किया था और अब तक 24 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। इस साल घुटने की चोट से उबरने के बाद वह पूरी तरह फिट हैं और वर्ल्ड कप 2026 में खेलने के लिए तैयार हैं।
निशान वेलुपिल्लै (ऑस्ट्रेलिया)
निशान वेलुपिल्लै का जन्म 7 मई 2001 को मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया में हुआ था। उनकी मां गिलियन एंग्लो-इंडियन हैं, जबकि उनके पिता ससिनाथ वेलुपिल्लै मलेशियाई मूल के हैं और उनका संबंध श्रीलंकाई तमिल समुदाय से है।
निशान ने मेलबर्न विक्ट्री अकादमी से अपने करियर की शुरुआत की और धीरे-धीरे सीनियर टीम तक पहुंचे। 2021 से अब तक वह क्लब के लिए 128 मैच खेल चुके हैं और 19 गोल कर चुके हैं।
उन्होंने 2024 में चीन के खिलाफ फीफा वर्ल्ड कप क्वालिफायर में ऑस्ट्रेलिया के लिए सीनियर डेब्यू किया था। अब तक वह ऑस्ट्रेलिया के लिए छह अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं।
सैमुएल मूटूस्सामी (डीआर कांगो)
सैमुएल मूटूस्सामी का जन्म 12 अगस्त 1996 को पेरिस, फ्रांस में हुआ था। उनके पिता भारतीय मूल के ग्वाडेलूप निवासी हैं, जबकि उनकी मां कांगो से हैं। सैमुएल का परिवार भी तमिल मूल से जुड़ा हुआ है।
फ्रांस में जन्म लेने के बावजूद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआर कांगो) का प्रतिनिधित्व करने का फैसला किया।
उन्होंने फ्रांसीसी क्लब नांत के लिए 144 मैच खेले और बाद में नीदरलैंड तथा तुर्की में भी फुटबॉल खेली। वर्तमान में वह ग्रीस के क्लब अट्रोमिटोस के लिए खेलते हैं।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ये चारों भारतीय मूल के खिलाड़ी अलग-अलग देशों की जर्सी में मैदान पर उतरेंगे और भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए गर्व का कारण बनेंगे।








