पूर्व भारतीय स्पिनर ने पंजाब किंग्स की खराब फॉर्म के लिए विदेशी तेज गेंदबाजों को ठहराया जिम्मेदार!

आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स ने लगातार छह जीत के साथ शानदार शुरुआत की थी और टीम प्लेऑफ की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी। लेकिन इसके बाद टीम की लय पूरी तरह बिगड़ गई और अब पंजाब लगातार पांच हार झेल चुकी है। गुरुवार को धर्मशाला में मुंबई इंडियंस के खिलाफ मिली हार इसका ताजा उदाहरण रही।

12 मैचों में 13 अंक के साथ अब पंजाब किंग्स ऐसी स्थिति में पहुंच गई है जहां प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए उसे अपने बाकी दोनों लीग मुकाबले हर हाल में जीतने होंगे। पूर्व भारतीय स्पिनर पीयूष चावला का मानना है कि पंजाब के विदेशी तेज गेंदबाजों की खराब फॉर्म ने टीम को बड़ा नुकसान पहुंचाया है।

मुंबई के खिलाफ पिछले मुकाबले में मार्को यानसन ने 55 रन देकर सिर्फ एक विकेट लिया, जबकि ज़ेवियर बार्टलेट बिना विकेट लिए 55 रन लुटा बैठे।

चावला ने कहा, “पंजाब किंग्स इस समय बेहद दबाव में है क्योंकि अब टूर्नामेंट में बने रहने के लिए उन्हें अपने बाकी मैच जीतने ही होंगे। जिस तरह की शुरुआत उन्होंने इस सीजन में की थी, बहुत कम लोगों ने सोचा होगा कि टीम इस स्थिति में पहुंच जाएगी। सबसे बड़ी चिंता उनकी गेंदबाजी बन गई है, खासकर विदेशी तेज गेंदबाजों की खराब फॉर्म और निरंतरता की कमी।”

उन्होंने आगे कहा कि मार्को यानसन इस सीजन में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से काफी दूर दिखे हैं, जबकि ज़ेवियर बार्टलेट नई गेंद के शुरुआती स्पेल के बाद संघर्ष करते नजर आए।

चावला ने कहा, “मार्को यानसन बिल्कुल अपनी लय में नहीं दिखे, जबकि ज़ेवियर बार्टलेट को नई गेंद के शुरुआती ओवरों के बाद काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जब आपके मुख्य विदेशी तेज गेंदबाज लगातार रन लुटाते हैं, तो 200 से ज्यादा के स्कोर को डिफेंड करना बेहद मुश्किल हो जाता है।”

वहीं दक्षिण अफ्रीका के पूर्व विकेटकीपर मार्क बाउचर ने भी पंजाब किंग्स को सलाह दी कि वह अब प्लेऑफ के समीकरण के बारे में ज्यादा सोचने के बजाय निडर क्रिकेट खेले।

बाउचर ने कहा, “सीजन की शानदार शुरुआत के बाद लगातार करीबी मुकाबलों में हार ने पंजाब किंग्स को मुश्किल स्थिति में ला दिया है। कभी-कभी लगातार टॉप-4 और क्वालिफिकेशन के बारे में सोचने से अतिरिक्त दबाव बढ़ जाता है। शायद इस सोच से बाहर निकलना टीम के लिए फायदेमंद हो सकता है। अगर वे बाकी मैचों में निडर होकर खेलें और यह सोचें कि अब खोने के लिए कुछ नहीं है, तो मानसिक रूप से खुद को ज्यादा खुला महसूस करेंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “आईपीएल ऐसा टूर्नामेंट है जहां मोमेंटम बहुत तेजी से बदलता है। जिस तरह टीमें लगातार जीत हासिल कर सकती हैं, उसी तरह छोटी गलतियों और चूके हुए मौकों की वजह से हार का सिलसिला भी शुरू हो जाता है। पंजाब किंग्स को अब मानसिक रूप से खुद को रीसेट करना होगा और आने वाले मैचों में सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेलने पर ध्यान देना होगा।”