
दिल्ली कैपिटल्स के ओपनर केएल राहुल ने 152 रन की शानदार पारी खेली, जो आईपीएल के इतिहास की तीसरी सबसे बड़ी पारी है। लेकिन इसके बावजूद पंजाब किंग्स ने टी20 क्रिकेट का सबसे बड़ा सफल रन चेज़ करते हुए 265 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। यह जीत टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में आई।
रविवार को नई दिल्ली में खेले गए इस मुकाबले में पंजाब ने 264/2 के लक्ष्य को 18.5 ओवर में हासिल कर लिया, जो आईपीएल 2024 में केकेआर के खिलाफ 262 रन के अपने पुराने रिकॉर्ड से भी बड़ा चेज़ है।
मैच के बाद श्रेयस अय्यर ने बताया कि टीम का सीधा सा मंत्र था—“विपक्ष से एक रन ज्यादा बनाना।”
उन्होंने कहा, “केएल राहुल को पूरा श्रेय जाता है। उन्होंने जिस तरह बल्लेबाजी की, वह शानदार थी। मेरे दिमाग में बस यही चल रहा था कि वो जितना भी स्कोर करें, हमें बस एक रन ज्यादा बनाना है और जीत सुनिश्चित करनी है।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारी यही सोच था, इससे ज्यादा कुछ नहीं। जिस तरह राहुल हर गेंद पर नए-नए शॉट खेल रहे थे, ऐसा नहीं लग रहा था कि वो ज्यादा मेहनत कर रहे हैं। मैंने खुद से कहा कि अगर वो कर सकते हैं, तो हम भी कर सकते हैं।”
अय्यर ने बताया कि टीम ने पहले भी 220-225 रन के लक्ष्य का पीछा किया था, इसलिए इस बार भी वही मानसिकता रखी—पावरप्ले में ज्यादा से ज्यादा रन बनाना।
प्रभसिमरन सिंह (26 गेंदों पर 76 रन) और प्रियांश आर्य (17 गेंदों पर 43 रन) ने 6.5 ओवर में 126 रन की ओपनिंग साझेदारी की, जिससे टीम ने पावरप्ले में 105/0 का बड़ा स्कोर बना लिया, जो इस सीजन का सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर है।
अय्यर ने कहा, “हम बस अच्छी शुरुआत का फायदा उठाना चाहते थे। अभी हमारा फोकस है कि हम खेल का आनंद लें और थोड़ा आराम करें, क्योंकि हमने पिछले तीन दिन कड़ी मेहनत की है।”
दूसरी ओर, केएल राहुल की 152* की पारी के बाद ऐसा लग रहा था कि मैच एकतरफा हो जाएगा। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। राहुल ने बताया कि उन्होंने अपनी टी20 बल्लेबाजी सुधारने के लिए अभिषेक नायर के साथ काफी काम किया है।
राहुल ने कहा, “मैं काफी खुश था। यह कुछ ऐसा है जिस पर मैं लंबे समय से काम कर रहा हूं। मैंने अभिषेक नायर के साथ काफी समय बिताया है।”
उन्होंने कहा कि उन्होंने टी20 क्रिकेट की बदलती मांग को समझने के लिए अपने खेल का विश्लेषण किया।
“मैंने पीछे हटकर देखा कि टी20 क्रिकेट किस दिशा में जा रहा है और आज के समय में इसकी क्या जरूरत है।”
राहुल ने बताया कि उन्होंने खासतौर पर शुरुआत से आक्रामक खेलने और छक्के लगाने पर काम किया।
“मैंने छक्के लगाने पर काम किया और खुद को यह आजादी दी कि पहली या दूसरी गेंद से ही आक्रामक खेल सकूं।”
उन्होंने माना कि अब पुराना तरीका काम नहीं करता।
“पहले टी20 में ओपनर के तौर पर थोड़ा समय लेकर बाद में तेजी लाना ठीक था, लेकिन अब पहले छह ओवर सबसे महत्वपूर्ण हैं।”
राहुल ने कहा कि उनका लक्ष्य पावरप्ले में ज्यादा रन बनाकर गेंदबाजों पर दबाव डालना था।
“पावरप्ले में ज्यादा से ज्यादा रन बनाना और गेंदबाजों पर दबाव बनाना जरूरी है।
मैंने अपने खेल के अनुसार क्रिकेट शॉट्स खेले, लेकिन साथ ही आक्रामक रहने का तरीका भी अपनाया।”








