“भारत में ही रहो”: केविन पीटरसन ने एलिस्टेयर कुक पर साधा निशाना, जैकब बेथेल के IPL फैसले का समर्थन किया!

पूर्व इंग्लैंड कप्तान एलिस्टेयर कुक द्वारा जैकब बेथेल को इंग्लैंड लौटकर काउंटी क्रिकेट खेलने की सलाह देने के बाद, केविन पीटरसन ने युवा बल्लेबाज से भारत में ही रहने और आईपीएल में अपने मौके का इंतजार करने को कहा है।

22 वर्षीय बेथेल को इस सीजन में अब तक रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला है, जिसके चलते कुक ने उन्हें वापस लौटने की सलाह दी थी।

हालांकि, पीटरसन ने गुरुवार को कुक की राय को खारिज करते हुए कहा कि भले ही बेथेल को खेलने का मौका नहीं मिल रहा हो, लेकिन आईपीएल में रहकर सीखना उनके भविष्य के लिए बेहद फायदेमंद होगा।

पीटरसन ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा, “एलिस्टेयर कुक को बिल्कुल भी अंदाजा नहीं है कि आईपीएल में होना कैसा होता है, दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच रहना कैसा होता है। इसलिए जैकब बेथेल पर उनकी राय मायने नहीं रखती। भारत में ही रहो, जैकब। भले ही तुम नहीं खेल रहे हो, लेकिन तुम सीख रहे हो और इससे तुम बेहतर खिलाड़ी बनोगे।”

बेथेल ने भी बुधवार को कुक की टिप्पणियों का जवाब देते हुए अपने फैसले का बचाव किया।

उन्होंने स्काई स्पोर्ट्स से कहा, “जब तक आप खुद यहां आकर इस माहौल का हिस्सा नहीं बनते, तब तक समझ नहीं सकते कि यह कितना खास है। इस टूर्नामेंट का एहसास ही अलग है।”

उन्होंने आगे कहा, “ऐसा लगता है कि इस टूर्नामेंट के स्तर के कारण हर खिलाड़ी अपने खेल को खुद-ब-खुद बेहतर कर लेता है, भले ही वह प्लेइंग इलेवन या इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर टीम में शामिल न हो।”

बेथेल को अब टेस्ट क्रिकेट में टॉप ऑर्डर के लिए एक मजबूत लंबी अवधि के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। जनवरी में सिडनी में खेले गए एशेज टेस्ट में उनकी 154 रन की शानदार पारी, ऑस्ट्रेलिया में 4-1 की हार के बीच इंग्लैंड के लिए एक सकारात्मक पहलू रही थी।

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।