
कोलकाता के ईडन गार्डन्स में रविवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ दबाव भरे मैच में नाबाद 53 रन बनाकर कोलकाता नाइट राइडर्स को सीजन की पहली जीत दिलाने के बाद रिंकू सिंह ने कहा, “इंटेंसिटी थी, लेकिन कोई हिचक नहीं थी।”
रिंकू जब बल्लेबाजी करने आए तब लक्ष्य का पीछा मुश्किल स्थिति में था, लेकिन उन्होंने शांत रहते हुए नियंत्रित आक्रामकता के साथ टीम को जीत दिलाई।
उन्होंने कहा, “कभी-कभी ऐसा होता है जब चीजें आपके पक्ष में नहीं जातीं, तो अंदर एक इंटेंसिटी होती है। लेकिन ऐसा नहीं था कि मैं शॉट खेलने को लेकर हिचकिचा रहा था। मेरा मकसद था मैच को अंत तक लेकर जाना।”
बाएं हाथ के बल्लेबाज़, जो इस सीजन में एक बड़ी पारी का इंतजार कर रहे थे, उन्होंने शुरुआत में मिले एक जीवनदान का पूरा फायदा उठाया और मैच का रुख बदल दिया।
उन्होंने कहा, “कभी-कभी दिमाग सही से काम नहीं करता और ऐसे शॉट्स निकल जाते हैं। लेकिन किस्मत मेरे साथ थी और हम मैच जीत गए।”
रिंकू ने माना कि यह पारी उनके आत्मविश्वास के लिए बेहद जरूरी थी।
“मैं कई पारियां खेल चुका था और एक बड़ी पारी का इंतजार कर रहा था। यह पारी मेरे लिए बहुत अच्छी और आत्मविश्वास के लिए बहुत जरूरी थी।”
उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की बहुमुखी प्रतिभा पर भी बात की।
“मेरे लिए कोई फिक्स पोजीशन नहीं है। मैं नंबर पांच, नीचे या नंबर चार—कहीं भी बल्लेबाजी कर सकता हूं। टीम को जहां जरूरत होगी, मैं तैयार हूं।”
केकेआर की यह पहली जीत टीम के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है।
“यह जीत हमें काफी आत्मविश्वास देगी। अब हम इस मोमेंटम को आगे ले जाएंगे।”
कप्तान अजिंक्य रहाणे ने भी इसे भावनात्मक और अहम जीत बताया।
“यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैच के दौरान काफी भावनाएं थीं। रिंकू, अनुकुल और वरुण ने शानदार प्रदर्शन किया।”
रहाणे ने बल्लेबाजी में सुधार की जरूरत पर जोर दिया।
“स्थिति को समझना जरूरी है। क्रिकेट एक आसान खेल है। यह जीत आत्मविश्वास देगी, लेकिन बल्लेबाजी में हमें और बेहतर करना होगा।”
उन्होंने युवा गेंदबाज कार्तिक त्यागी की भी तारीफ की और कहा कि टीम की शुरुआत खराब रही है।
“पिछले तीन मैचों में पावरप्ले अच्छा नहीं रहा। कभी-कभी स्ट्राइक रेट को ज्यादा महत्व दिया जाता है, लेकिन हमें टीम के तौर पर जल्दी सीखना होगा।”
वहीं राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने फील्डिंग की गलतियों को हार का कारण बताया।
“यह 170 रन का विकेट था, हम 10 रन पीछे रह गए। हमारी गलतियां भारी पड़ीं। कैच नहीं छोड़ने चाहिए थे, यही मैच का टर्निंग पॉइंट बना।”
उन्होंने यह भी कहा कि टीम की रणनीति सही थी लेकिन उसे लागू नहीं कर पाए।
“पिच पर स्पिन थी और हमने सही रणनीति अपनाई, लेकिन खासकर आखिरी ओवरों में उसे सही से लागू नहीं कर पाए।”








