ललित मोदी ने केविन पीटरसन के ‘द हंड्रेड’ को यूके का IPL बनने वाले दावे को किया खारिज!

आईपीएल के संस्थापक ललित मोदी ने सोशल मीडिया पर केविन पीटरसन के उस दावे पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि द हंड्रेड भविष्य में यूके का आईपीएल बन सकता है।

यह बहस तब शुरू हुई जब ललित मोदी ने कहा कि द हंड्रेड लंबे समय तक टिक नहीं पाएगा। उनके इस बयान पर इंग्लैंड के क्रिकेट फैंस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। इसी बीच एक यूज़र के कमेंट का जवाब देते हुए पीटरसन ने X पर लिखा कि यह टूर्नामेंट आगे चलकर आईपीएल का यूके वर्जन बन सकता है।

पीटरसन ने लिखा, “यह यूके का आईपीएल बन जाएगा। फॉर्मेट बदलकर टी20 हो जाएगा।”

इस पर ललित मोदी ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मेरे दोस्त, इस जिंदगी में कोई भी टी20 टूर्नामेंट आईपीएल जैसा नहीं बन सकता।”

ललित मोदी ने विस्तार से बताया कि आखिर क्यों उन्हें लगता है कि यूके में आईपीएल जैसा बड़ा लीग बन पाना मुश्किल है।

उन्होंने कहा कि इंग्लैंड में क्रिकेट मुख्य खेल नहीं है। वहां फुटबॉल सबसे ज्यादा लोकप्रिय है, उसके बाद रग्बी, घुड़दौड़, टेनिस और यहां तक कि डार्ट्स जैसे खेल भी ज्यादा पसंद किए जाते हैं। ऐसे में क्रिकेट का फैन बेस उतना बड़ा और गहराई से जुड़ा हुआ नहीं है।

ललित मोदी ने विदेशी लीगों में भारतीय खिलाड़ियों की अनुपस्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेटर बाहर की टी20 लीग्स में हिस्सा नहीं लेते, जिससे इन टूर्नामेंट्स की वैश्विक लोकप्रियता और व्यावसायिक मूल्य पर असर पड़ता है।

उन्होंने इंग्लिश क्रिकेट के ढांचे को भी एक बड़ी चुनौती बताया। इंग्लैंड में 18 काउंटी टीमें हैं, ऐसे में होम और अवे फॉर्मेट में पूरा टी20 लीग चलाना मुश्किल है। पहले से ही शेड्यूल काफी व्यस्त रहता है और इतने लंबे टूर्नामेंट के लिए लगातार दर्शकों का समर्थन मिलना भी आसान नहीं है।

हालांकि द हंड्रेड में आईपीएल टीम मालिकों समेत बड़े निवेशकों की दिलचस्पी देखी गई है, लेकिन मोदी का मानना है कि सिर्फ पैसा इन समस्याओं का समाधान नहीं कर सकता।

उनके अनुसार, यह टूर्नामेंट एक सीमित स्तर तक ही बढ़ सकता है, जैसे दुनिया की अन्य छोटी टी20 लीग्स, शायद दक्षिण अफ्रीका के मॉडल की तरह। उन्होंने यह भी कहा कि पारंपरिक अंतरराष्ट्रीय मैच ही इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड की आय का मुख्य स्रोत बने रहेंगे।