
श्रीलंका के विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कुसल मेंडिस को शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब एक रिपोर्टर ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें पिछले साल पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) बीच में छोड़कर IPL में शामिल होने के फैसले पर कोई पछतावा है।
यह सवाल मेंडिस के लिए किसी बाउंसर की तरह था, जिसे वह आसानी से टाल नहीं पाए। तभी प्रेस कॉन्फ्रेंस के मॉडरेटर ने बीच में दखल देते हुए उन्हें इस मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला।
मेंडिस, जो PSL 2026 में पेशावर ज़ल्मी के लिए खेल रहे हैं, पिछले साल क्वेटा ग्लैडिएटर्स के लिए आठ मैच खेलने के बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टूर्नामेंट बीच में छोड़कर भारत चले गए थे। वहां उन्होंने IPL 2025 के प्लेऑफ्स के दौरान गुजरात टाइटंस के लिए रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के रूप में टीम जॉइन की थी।
हालांकि IPL 2026 ऑक्शन से पहले गुजरात टाइटंस ने उन्हें रिलीज कर दिया और इस सीजन उन्हें किसी भी टीम ने नहीं खरीदा। इस साल मेंडिस PSL में पेशावर ज़ल्मी के साथ लौटे हैं और शानदार फॉर्म में हैं—उन्होंने चार मैचों में 241 रन बनाए हैं।
जब रिपोर्टर ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें अब अपने पिछले फैसले पर पछतावा है, खासकर इस साल IPL ऑक्शन में अनसोल्ड रहने के बाद, तो जवाब देने से पहले ही मॉडरेटर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सवाल केवल PSL और टीम के मैच तक सीमित रखें।
रिपोर्टर ने जोर दिया कि सवाल PSL से जुड़ा हुआ है, लेकिन मेंडिस ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया और अगले सवाल तक चुप्पी साधे रखी।
IPL और PSL एक ही समय पर होने के कारण विदेशी खिलाड़ियों को अक्सर किसी एक लीग को चुनना पड़ता है। हालांकि दोनों लीग्स के बीच सीधी प्रतिस्पर्धा नहीं है, क्योंकि IPL ज्यादा पैसा, उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा और वैश्विक पहचान प्रदान करता है।
यह भी आम बात है कि विदेशी खिलाड़ी IPL ऑक्शन में नहीं चुने जाने पर PSL में खेलते हैं। वहीं कुछ मामलों में, जैसे कि मेंडिस के साथ हुआ, खिलाड़ी IPL का मौका मिलने पर PSL टीम को बीच में छोड़ भी देते हैं।








