IPL 2026: बढ़ते दबाव के बीच स्टीफन फ्लेमिंग ने CSK की रणनीति का किया बचाव!

चेन्नई सुपर किंग्स के मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने शुक्रवार को इस बात से इनकार किया कि वह बदलते हुए IPL के साथ तालमेल बिठाने में पीछे रह गए हैं। हालिया हार के बावजूद उन्होंने कहा कि वह आधुनिक T20 क्रिकेट की समझ से पूरी तरह जुड़े हुए हैं।

फ्लेमिंग ने माना कि खराब प्रदर्शन के बाद आलोचना होना स्वाभाविक है, लेकिन उन्होंने कहा कि यह इस काम का हिस्सा है।

उन्होंने कहा, “जब आप अच्छा नहीं करते तो आलोचना जायज है।” साथ ही उन्होंने बताया कि सालभर अलग-अलग लीग्स में कोचिंग और खिलाड़ियों की नीलामी में शामिल रहने से वह लगातार अंतरराष्ट्रीय T20 ट्रेंड्स से जुड़े रहते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि वह IPL से पहले खेल से दूर हो जाते हैं, बल्कि वह पूरे साल खिलाड़ियों और खेल के बदलते पैटर्न को समझने में लगे रहते हैं।

फ्लेमिंग ने माना कि पिछले सीजन में CSK “थोड़ी पीछे रह गई थी”, लेकिन अब टीम ने तेजी से बदलाव किए हैं और युवा खिलाड़ियों को मौका दिया है।

उन्होंने कहा, “हम पिछले साल पीछे थे, इसे मैं स्वीकार करता हूं। लेकिन अब हमने जल्दी बदलाव किए हैं और हमारे पास युवा खिलाड़ियों का एक अच्छा समूह है।”

हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस सीजन में टीम अभी तक अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाई है।

फ्लेमिंग ने कहा कि कई नए खिलाड़ियों को टीम में शामिल करने के कारण संतुलन बनाने में समय लग रहा है। उन्होंने बताया कि अन्य टीमों को स्थिरता का फायदा मिला है, जबकि CSK अभी उस प्रक्रिया से गुजर रही है।

उन्होंने कहा, “हमें थोड़ा आत्मविश्वास और कुछ अच्छे नतीजों की जरूरत है। हम जीत के बहुत करीब रहे हैं, लेकिन उसे हासिल नहीं कर पाए।”

फ्लेमिंग ने खिलाड़ियों को टीम की पिछली सफलताओं का श्रेय दिया और कहा कि मैदान पर प्रदर्शन ही असली फर्क पैदा करता है।

उन्होंने कहा, “खिताब खिलाड़ी जिताते हैं। कोचिंग अहम होती है, लेकिन अंत में प्रदर्शन मैदान पर होता है।”

उन्होंने एमएस धोनी के साथ अपने लंबे रिश्ते पर भी बात की और खुद को भाग्यशाली बताया कि उन्हें इतने महान कप्तान के साथ काम करने का मौका मिला।

फ्लेमिंग ने कहा कि व्यक्तिगत पहचान या प्रशंसा उनके लिए प्राथमिकता नहीं है, बल्कि टीम की सफलता ज्यादा मायने रखती है।

साथ ही उन्होंने युवा खिलाड़ियों की बदलती सोच पर भी बात की। उन्होंने उनकी निडरता और आत्मविश्वास की तारीफ की, लेकिन यह भी कहा कि सिर्फ आक्रामक खेल ही काफी नहीं है, परिस्थितियों की समझ भी जरूरी है।

उन्होंने कहा, “क्रिकेट में हर फैसले का असर होता है, खासकर बल्लेबाजी में। इसलिए आक्रामकता और समझ के बीच संतुलन जरूरी है।”