
दिल्ली कैपिटल्स के स्पिनर कुलदीप यादव ने टीम के टॉप ऑर्डर की समस्याओं को लेकर उठ रही चिंताओं को कम करते हुए कहा कि सिर्फ एक मैच के बाद “घबराने की जरूरत नहीं है।”
टूर्नामेंट के पहले मैच में दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत खराब रही थी, जहां टॉप ऑर्डर पूरी तरह लड़खड़ा गया। हालांकि बाद में समीर रिज़वी और ट्रिस्टन स्टब्स की शानदार साझेदारी ने टीम को संभालते हुए लखनऊ के खिलाफ छह विकेट से जीत दिलाई।
नीतीश राणा 15 रन बनाकर आक्रामक शॉट खेलने के प्रयास में आउट हो गए, पथुम निसांका (1) कुछ खास नहीं कर सके, जबकि ओपनर केएल राहुल पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गए।
कुलदीप यादव ने कहा, “देखिए, नीतीश कई सालों से खेल रहे हैं, वह आईपीएल के अनुभवी खिलाड़ी हैं और कई शानदार पारियां खेल चुके हैं। निसांका भी बेहतरीन बल्लेबाज हैं, उनका स्तर सब जानते हैं। इसलिए मुझे नहीं लगता कि घबराने की कोई जरूरत है। टीम में भी इस बारे में कोई चर्चा नहीं हुई। यह पहला मैच था, हर कोई अच्छी शुरुआत चाहता है, लेकिन कभी-कभी ऐसा नहीं होता। मुझे पूरा भरोसा है कि आने वाले मैचों में वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे। अभी तो बिल्कुल भी ‘पैनिक बटन’ नहीं दबाया गया है। अगर हम पांच में से पांच मैच हार जाएं, तब शायद ऐसा सोचा जाएगा।”
पिछले सीजन में अपने घरेलू मैदान अरुण जेटली स्टेडियम, दिल्ली में पांच में से चार मैच हारने के बावजूद कुलदीप ने इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई।
उन्होंने कहा, “हम अच्छा क्रिकेट खेलेंगे और पांच में से पांच मैच जीत भी सकते हैं। टीम में पिछले रिकॉर्ड को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। हम सात घरेलू मैचों में अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं और फैंस को खुशी देना चाहते हैं। हमारी कोशिश रहेगी कि सात में से कम से कम पांच मैच जीतें।”
कुलदीप ने यह भी कहा कि टी20 क्रिकेट में जहां बल्लेबाजों का दबदबा बढ़ रहा है, वहां स्पिनर्स के लिए अपनी ताकत पर टिके रहना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा, “स्पिनर्स के लिए बहुत जरूरी है कि वे अपनी ताकत पर टिके रहें। जब बल्लेबाज दबाव डालते हैं तो अक्सर खिलाड़ी अपनी ताकत छोड़कर सुरक्षित विकल्प ढूंढने लगते हैं। लेकिन मेरा मानना है कि आपको हमेशा अपनी ताकत पर ही ध्यान देना चाहिए।”








