
आईपीएल 2023 में लागू किए गए इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर विवाद अभी भी जारी है, और बुधवार को अधिकांश आईपीएल कप्तानों ने इस पर अपनी चिंता जताई।
बीसीसीआई ने इस नियम को 2024 में बढ़ाकर कम से कम 2027 तक लागू रखने का फैसला किया था, लेकिन इसके बावजूद खिलाड़ी और दर्शक दोनों ही इस रणनीतिक नियम पर लगातार बहस कर रहे हैं।
मुंबई में हुई आईपीएल कप्तानों की बैठक में सभी 10 टीमों के कप्तानों ने इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की।
सूत्रों के अनुसार, “अधिकांश कप्तानों ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर अपनी राय दी और इस पर आपत्ति जताई, हालांकि बीसीसीआई इसे 2027 तक लागू रखने का फैसला कर चुका है। उन्हें बताया गया कि इस नियम की समीक्षा 2027 के बाद ही होगी, उससे पहले नहीं।”
इससे पहले दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल और रोहित शर्मा भी इस नियम की आलोचना कर चुके हैं।
अक्षर पटेल ने कहा, “मुझे यह नियम पसंद नहीं है क्योंकि मैं खुद एक ऑलराउंडर हूं। पहले टीम में ऑलराउंडर्स को महत्व दिया जाता था, लेकिन अब टीम मैनेजमेंट अलग से बल्लेबाज या गेंदबाज चुन लेती है और कहती है कि ऑलराउंडर की जरूरत नहीं है। नियम तो नियम हैं, हमें मानने पड़ेंगे, लेकिन व्यक्तिगत रूप से मुझे यह पसंद नहीं है।”
रोहित शर्मा ने भी पहले कहा था कि यह नियम भारतीय क्रिकेट में ऑलराउंडर्स के विकास को प्रभावित करता है। वहीं हार्दिक पांड्या का मानना है कि अब टीम में ऑलराउंडर चुनना मुश्किल हो गया है, जब तक वह बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में बराबर माहिर न हो।
विदेशी खिलाड़ियों ने भी इस पर चिंता जताई है। न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स ने कहा था कि इससे भविष्य में ऑलराउंडर्स की संख्या कम हो सकती है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर भी पड़ेगा।
पिछले सीजन में बीसीसीआई ने ओस (dew) के प्रभाव को कम करने के लिए दूसरी पारी के 10 ओवर के बाद गेंद बदलने की अनुमति दी थी। इस बार एक कप्तान ने सुझाव दिया कि पहली पारी में भी 10 ओवर के बाद गेंद बदलने की अनुमति दी जाए, लेकिन इस प्रस्ताव को ज्यादा समर्थन नहीं मिला।
सूत्र ने कहा, “पहली पारी में 10 ओवर के बाद गेंद बदलने का सुझाव दिया गया था, लेकिन इसे ज्यादा समर्थन नहीं मिला। दूसरी पारी में ओस ज्यादा होती है, इसलिए मौजूदा नियम जारी रहेगा।”
बैठक में कप्तानों ने 2026 सीजन के नए ट्रेनिंग नियमों को लेकर भी सवाल उठाए। नए नियमों के अनुसार मैच के दिन प्रैक्टिस की अनुमति नहीं होगी, और अगर एक टीम जल्दी अभ्यास खत्म कर देती है तो दूसरी टीम उस पिच का इस्तेमाल नहीं कर सकती।
सूत्रों के मुताबिक, “कप्तानों ने ट्रेनिंग गाइडलाइंस पर और स्पष्टता मांगी थी, जो उन्हें दे दी गई।”
इस तरह, इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर असहमति के बावजूद यह फिलहाल जारी रहेगा, जबकि कप्तानों की चिंताएं भविष्य में चर्चा का विषय बनी रहेंगी।








