दो आईसीसी खिताब के बाद सौरव गांगुली बोले – गौतम गंभीर के सामने अब असली चुनौती!

पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली का मानना है कि गौतम गंभीर की असली परीक्षा अभी बाकी है, जो 2027 में होने वाला वनडे वर्ल्ड कप होगा। गंभीर भारत के पहले ऐसे कोच बन गए हैं जिन्होंने दो आईसीसी ट्रॉफियां जीती हैं—पहले 2025 का चैंपियंस ट्रॉफी और फिर पिछले महीने टी20 वर्ल्ड कप।

गांगुली ने मनी कंट्रोल को दिए इंटरव्यू में कहा,
“व्हाइट बॉल क्रिकेट में उनकी असली परीक्षा 2027 में दक्षिण अफ्रीका में होगी। वहां की परिस्थितियां उन्हें परखेंगी, लेकिन मुझे भरोसा है कि उनके पास जो टीम है, उसके साथ वह सही परिणाम हासिल करेंगे।”

भारत ने 2023 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया था, लेकिन फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार गया था।
विराट कोहली और रोहित शर्मा, जो अब सिर्फ वनडे फॉर्मेट खेल रहे हैं, अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप में आखिरी बार ट्रॉफी जीतने की कोशिश करेंगे।

2011 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के अहम सदस्य रहे गंभीर के पास अब भारत के कोच के रूप में एक और आईसीसी ट्रॉफी जीतने का शानदार मौका होगा।

गांगुली, जिनकी कप्तानी में भारत 2003 वर्ल्ड कप में उपविजेता बना था, चाहते हैं कि गंभीर और टीम इंडिया टेस्ट क्रिकेट में भी बेहतर प्रदर्शन करें।

उन्होंने कहा, “रेड बॉल क्रिकेट में उन्हें बेहतर करना होगा। इसके लिए उन्हें पिच के बारे में कम सोचना चाहिए। पिच को दिमाग से निकालना होगा। इंग्लैंड सीरीज को देखिए—वह पिच के बारे में कुछ नहीं कर सकते थे और नतीजे सबके सामने हैं। घर में हमेशा टर्निंग पिच की जरूरत नहीं है। अच्छी पिचें अच्छे नतीजे देंगी।”

हालांकि गांगुली ने गंभीर की कोचिंग क्षमता की सराहना भी की और टीम के भविष्य को लेकर आशावाद जताया।

उन्होंने कहा, “गौतम बहुत अच्छे कोच हैं। अगर आपको याद हो तो मैंने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से पहले भी कहा था कि उन्हें थोड़ा समय देना चाहिए। व्हाइट बॉल क्रिकेट में वह बहुत अच्छे कोच हैं, खासकर इन परिस्थितियों में। उनके पास शानदार टीम है और वह बेहतरीन कोच हैं।”