सनराइजर्स लीड्स द्वारा अबरार अहमद को द हंड्रेड के लिए साइन करने के मामले में बीसीसीआई क्यों नहीं करेगा हस्तक्षेप!

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने शुक्रवार को कहा कि द हंड्रेड की नीलामी में पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को सनराइजर्स लीड्स द्वारा साइन किए जाने के विवाद में बीसीसीआई हस्तक्षेप नहीं कर सकता, क्योंकि यह मामला एक विदेशी लीग से जुड़ा है और इसका फैसला फ्रेंचाइज़ी पर निर्भर करता है।

शुक्ला ने ANI से कहा: “यह हमारे अधिकार क्षेत्र (आईपीएल) में नहीं आता। उन्होंने यह फैसला किसी विदेशी लीग के लिए किया है। इसका निर्णय फ्रेंचाइज़ी को ही लेना होगा, हम इसमें कुछ नहीं कर सकते।”

पाकिस्तान के लेग स्पिनर अबरार अहमद द हंड्रेड के पुरुष खिलाड़ियों की पहली नीलामी में लंदन में 190,000 पाउंड (करीब 2.34 करोड़ रुपये) में सनराइजर्स लीड्स द्वारा खरीदे जाने के बाद इस प्रतियोगिता में किसी भारतीय स्वामित्व वाली टीम द्वारा साइन किए जाने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए।

इस साइनिंग के बाद सनराइजर्स लीड्स की सह-मालिक काव्या मारन को सोशल मीडिया पर भारी आलोचना का सामना करना पड़ा। आलोचकों ने दावा किया कि 27 वर्षीय स्पिनर ने पिछले साल मई में ऑपरेशन सिंदूर से पहले भारतीय सशस्त्र बलों का मजाक उड़ाने वाली टिप्पणियां की थीं।

सनराइजर्स लीड्स, जिसे पहले नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स के नाम से जाना जाता था, को पिछले साल भारतीय मीडिया कंपनी सन टीवी ने पूरी तरह खरीद लिया था। इस समूह ने लगभग 100 मिलियन पाउंड में यॉर्कशायर से 51% हिस्सेदारी और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) से 49% हिस्सेदारी खरीदी थी।

सनराइजर्स समूह की अन्य टीमों में आईपीएल की सनराइजर्स हैदराबाद और SA20 लीग की सनराइजर्स ईस्टर्न केप शामिल हैं, लेकिन अब तक इन टीमों ने किसी सक्रिय पाकिस्तानी खिलाड़ी को साइन नहीं किया था।

नीलामी के दौरान लीड्स की टीम ने ट्रेंट रॉकेट्स के साथ बोली की टक्कर जीतकर अबरार को अपने साथ जोड़ा।

हालांकि आठों टीमों ने यह वादा किया था कि खिलाड़ी चयन “प्रदर्शन, उपलब्धता और टीम की जरूरतों” के आधार पर किया जाएगा, फिर भी इस नीलामी के बाद सवाल उठे कि क्या आईपीएल से जुड़ी चार फ्रेंचाइज़ियां पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली लगाएंगी, क्योंकि पहले संभावित “शैडो बैन” की चर्चा चल रही थी।

अबरार अहमद नीलामी में बिकने वाले दूसरे पाकिस्तानी खिलाड़ी थे। उनसे पहले उस्मान तारिक को बर्मिंघम फीनिक्स ने 140,000 पाउंड में खरीदा था। ट्रेंट रॉकेट्स और फीनिक्स क्रमशः नॉटिंघमशायर और वॉरिकशायर काउंटी टीमों के साथ अमेरिकी निवेश समूहों के संयुक्त स्वामित्व में हैं।

भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे भूराजनीतिक तनाव के कारण 2009 के बाद से किसी भी सक्रिय पाकिस्तानी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ने आईपीएल में हिस्सा नहीं लिया है। हालांकि कई पाकिस्तानी खिलाड़ी उन अंतरराष्ट्रीय टी20 टीमों के लिए खेल चुके हैं जो सीधे या आंशिक रूप से आईपीएल फ्रेंचाइज़ियों के स्वामित्व में हैं।