
महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने कहा कि भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन की क्रिकेट यात्रा मानो “पूरा चक्र” पूरा कर चुकी है। जो खिलाड़ी कभी टीम में हाशिये पर था, वही भारत के ऐतिहासिक टी20 वर्ल्ड कप अभियान में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बन गया।
सैमसन ने टूर्नामेंट के अंतिम तीन मुकाबलों में, जिनमें इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल और न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल शामिल हैं, शानदार पारियां खेलीं।
गावस्कर ने कहा, “संजू सैमसन की जिंदगी सच में पूरा चक्र पूरा कर चुकी है। 2026 टी20 वर्ल्ड कप से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी सीरीज बेहद खराब रही थी। उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था। फिर टी20 वर्ल्ड कप शुरू होने के बाद उन्हें नामीबिया के खिलाफ खेलने का मौका मिला, लेकिन उनकी पारी इतनी बड़ी नहीं थी कि टीम में उनकी जगह पक्की हो सके।”
उन्होंने आगे कहा, “इसके बाद उन्होंने सुपर-8 में सीधे जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला, लेकिन उनकी असली वापसी वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्चुअल क्वार्टरफाइनल में शुरू हुई।”
गावस्कर ने बताया कि उस मैच में सैमसन ने शानदार और आत्मविश्वास से भरी पारी खेली।
उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि संजू कितने प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। लेकिन वर्चुअल क्वार्टरफाइनल, फिर इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल और उसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में शानदार प्रदर्शन करना आसान नहीं होता।”
न्यूजीलैंड के खिलाफ तैयारी सीरीज में सैमसन ने पांच टी20 मैचों में सिर्फ 46 रन बनाए थे और उनका औसत 9.20 रहा था। पिछली टी20 वर्ल्ड कप टीम में वह ऋषभ पंत के बैकअप विकेटकीपर थे और इस बार भी उनके साथ ऐसा ही होने की संभावना दिख रही थी।
इस दौरान ईशान किशन को विकेटकीपर के रूप में टीम में जगह मिल गई थी, जिससे सैमसन को बाहर बैठना पड़ा। लेकिन ग्रुप स्टेज में दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद जब भारत टूर्नामेंट से बाहर होने के खतरे में था, तब टीम मैनेजमेंट ने अपनी रणनीति बदली।
जिम्बाब्वे के खिलाफ महत्वपूर्ण मैच में सैमसन को मौका मिला और उनकी 15 गेंदों में 24 रनों की तेज पारी ने भारत के 256/4 के बड़े स्कोर की नींव रखी।
इसके बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ गया और उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्चुअल क्वार्टरफाइनल में 97 रन* बनाकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया।
फिर उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 89 रन बनाए और फाइनल में भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए भारत को 250 से अधिक का स्कोर बनाने में मदद की। भारत ने अहमदाबाद में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर अपना तीसरा और लगातार दूसरा टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीत लिया।
गावस्कर ने कहा, “ऐसे मैच ही खिलाड़ी का भविष्य तय करते हैं और उसके करियर को परिभाषित करते हैं। दबाव वाले मुकाबलों में शानदार पारियां खेलना आसान नहीं होता। असफलता का दर्द झेलने के बाद लगातार तीन बड़े मैचों में अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारियां खेलना ही संजू सैमसन की असली पहचान है।”
भारत के पूर्व कप्तान ने यह भी कहा कि किसी विश्व खिताब को डिफेंड करना क्रिकेट में सबसे कठिन कामों में से एक है।
उन्होंने कहा, “अब भारत की ट्रॉफी कैबिनेट काफी भरी हुई है। आईसीसी ट्रॉफी जीतना आसान नहीं होता। द्विपक्षीय सीरीज जीतना अलग बात है, लेकिन आईसीसी टूर्नामेंट में गलती की कोई गुंजाइश नहीं होती। हर मैच में आपको अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना पड़ता है।”
उन्होंने आगे कहा, “यह सिर्फ किस्मत से नहीं, बल्कि कौशल से होता है। खिलाड़ियों पर बहुत दबाव होता है क्योंकि वे मैदान पर एक अरब से ज्यादा लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। किसी भी टीम ने लगातार दो टी20 वर्ल्ड कप नहीं जीते थे और खिताब बचाना बेहद मुश्किल होता है।”
गावस्कर ने अंत में कहा, “लगातार दो टी20 वर्ल्ड कप जीतना बहुत बड़ी उपलब्धि है। यह भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे शानदार पलों में से एक है।”








