
भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतकर इतिहास रच दिया— भारत घरेलू मैदान पर यह खिताब जीतने वाली पहली टीम, लगातार दो बार ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम, और तीन बार टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बन गई। टीम टूर्नामेंट में प्रबल दावेदार के रूप में उतरी थी और उम्मीदों पर खरी भी उतरी।
पूरे अभियान के दौरान शिवम दुबे अक्सर चर्चा से दूर रहे, लेकिन अगर उनके प्रदर्शन को ध्यान से देखा जाए तो पता चलता है कि उन्होंने कई अहम मौकों पर टीम को संभाला। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में रन बनाए, पारी को गति दी और टीम के स्कोर को मुकाबले लायक बनाए रखा।
टूर्नामेंट की 9 पारियों में दुबे ने 235 रन बनाए, उनका स्ट्राइक रेट 169.06 और औसत 39.16 रहा। इसके अलावा उन्होंने भारत के लिए 5 विकेट भी लिए। पूरे टूर्नामेंट में वह टीम के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाते रहे।
टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में भी दुबे ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखाई। न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल के आखिरी ओवर में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 8 गेंदों में नाबाद 26 रन बना दिए। आखिरी ओवर में उन्होंने जिम नीशम के खिलाफ 24 रन बटोरकर भारत का स्कोर 255/5 तक पहुंचा दिया।
दुबे ने कहा कि बड़े-बड़े छक्के लगाना हमेशा से उनकी भूमिका रही है और उन्हें भरोसा है कि मौका मिलने पर वह ऐसा प्रदर्शन कर सकते हैं।
अपने रोल के बारे में दुबे ने कहा, “मेरा काम हमेशा से बड़े छक्के लगाना था। इस टूर्नामेंट के पहले दिन से ही मेरी भूमिका यही रही है। कभी-कभी दूसरे बल्लेबाज पहले मौके पर आते हैं, लेकिन मैं हमेशा खुद पर भरोसा रखता हूं और सोचता हूं कि जब भी मुझे मौका मिलेगा, मैं छक्के जरूर लगाऊंगा।”
गेंदबाजी को लेकर दुबे ने कहा, “मैंने अपनी गेंदबाजी में काफी सुधार किया है, लेकिन इस टूर्नामेंट में मुझे गेंदबाजी का मौका नहीं मिला। अगली बार मैं और बेहतर होकर आऊंगा।”
भारत की जीत और जश्न के बारे में दुबे ने कहा, “आज का दिन निश्चित रूप से सबसे बड़े दिनों में से एक है और दर्शकों का समर्थन अद्भुत था। यह टूर्नामेंट भारतीय क्रिकेट टीम के समर्थकों का है। उनकी प्रार्थनाएं और प्यार हमें मुश्किल समय में भी मजबूत बनाए रखते हैं। इस जीत का पूरा श्रेय भारतीय टीम के सभी प्रशंसकों को जाता है।”








