टी20 वर्ल्ड कप फाइनल: ‘कुछ दिल तोड़ने में हमें आपत्ति नहीं’ — भारत से मुकाबले से पहले मिशेल सैंटनर की चेतावनी!

न्यूज़ीलैंड के कप्तान मिशेल सैंटनर ने शनिवार को कहा कि टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में मेजबान और मौजूदा चैंपियन भारत के खिलाफ खेलते हुए उन्हें “कुछ दिल तोड़ने” में कोई आपत्ति नहीं होगी।

रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले को देखने के लिए एक लाख से ज्यादा दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। न्यूज़ीलैंड ने अब तक कोई भी व्हाइट-बॉल वर्ल्ड कप नहीं जीता है। टीम 2021 में फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन वहां उसे ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा था।

सैंटनर ने कहा, “मैं ट्रॉफी जीतना चाहूंगा। यह निश्चित रूप से एक चुनौती होगी, क्योंकि सभी जानते हैं कि हम शायद फेवरेट नहीं हैं। लेकिन हां, अगर एक बार ट्रॉफी उठाने के लिए हमें कुछ दिल तोड़ने पड़ें, तो मुझे इसमें कोई दिक्कत नहीं होगी।”

सेमीफाइनल में न्यूज़ीलैंड ने उस समय तक अपराजित रही दक्षिण अफ्रीका को नौ विकेट से हराया था। इस मैच में फिन एलन ने टूर्नामेंट का सबसे तेज शतक लगाया था।

हालांकि टूर्नामेंट के पहले चरण में न्यूज़ीलैंड को इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका से हार भी झेलनी पड़ी थी। अब उनका सामना उस भारतीय टीम से होगा जिसने लगातार तीन मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई है।

2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में भी पैट कमिंस की ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अहमदाबाद में घरेलू दर्शकों को स्तब्ध कर दिया था।

सैंटनर ने कहा, “हमारा लक्ष्य भीड़ को शांत करना होगा। टी20 क्रिकेट कई बार अनिश्चित होता है। हमने देखा कि दक्षिण अफ्रीका पूरे टूर्नामेंट में शानदार क्रिकेट खेल रहा था, लेकिन हमारे खिलाफ थोड़ी सी चूक हुई और वे बाहर हो गए। इसलिए हमें उसी आत्मविश्वास के साथ खेलना होगा और शायद हम एक और बड़ी टीम को चौंका सकते हैं।”

दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम भारत लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीतने और घरेलू मैदान पर पहली बार ट्रॉफी जीतने की कोशिश कर रहा है। अगर ऐसा होता है तो भारत तीन बार टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम भी बन जाएगा।

हालांकि भारत पर स्टेडियम में मौजूद दर्शकों और करोड़ों टीवी दर्शकों की उम्मीदों का भारी दबाव भी होगा। सैंटनर का मानना है कि यह दबाव भारतीय टीम पर असर डाल सकता है।

उन्होंने कहा, “इस तरह की उम्मीदों के साथ काफी अतिरिक्त दबाव भी आता है। अगर हम मैदान पर उतरकर उस दबाव को थोड़ा और बढ़ा सकें, तो फिर देखेंगे क्या होता है।”