
भले ही उनके साथी खिलाड़ी अब भी वरुण चक्रवर्ती को टीम का “एक्स-फैक्टर” मानते हों, लेकिन अब उनकी रहस्यमयी गेंदबाजी का राज काफी हद तक खुल चुका है और यह लेग स्पिनर भी जानता है कि अपने प्रदर्शन में आई गिरावट को रोकने के लिए उसके पास समय कम बचा है।
अगर टीम मैनेजमेंट दुनिया के नंबर-1 टी20 गेंदबाज पर भरोसा बनाए रखता है, तो रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में वह भारत के लिए कमजोरी भी साबित हो सकते हैं।
टूर्नामेंट के सुपर-8 चरण के बाद से उनके प्रदर्शन में लगातार गिरावट साफ दिखाई दे रही है और फाइनल से पहले चक्रवर्ती को अपनी लय वापस पाने की जरूरत है।
गुरुवार रात इंग्लैंड के आक्रामक बल्लेबाज जैकब बेथेल ने सेमीफाइनल में उनकी जमकर धुनाई की, जो शायद इस गिरावट की सबसे बड़ी निशानी बन गई। भारत ने यह मुकाबला भले ही 7 रन से जीत लिया, लेकिन चक्रवर्ती का स्पेल काफी महंगा रहा।
भारत के उपकप्तान अक्षर पटेल ने हाल ही में चक्रवर्ती से बातचीत की और उन्हें समझाया कि मुश्किल हालात में भी अपनी योजना पर टिके रहना बहुत जरूरी होता है।
अक्षर ने कहा, “हमने इस बारे में बात की है। हमने कई नॉकआउट मैच खेले हैं और ऐसे समय में मानसिकता बहुत अहम होती है। कौशल तो होता ही है, लेकिन हम उनसे कहते हैं कि अगर बल्लेबाज आपको निशाना बना रहे हैं तब भी अपनी योजना मत बदलो।”
उन्होंने आगे कहा, “आपकी योजना स्टंप पर गेंदबाजी करने की होती है, लेकिन दबाव में आप अचानक लाइन बदल देते हैं। हां, दबाव में गलतियां हो सकती हैं, लेकिन हम उन्हें बार-बार कहते हैं कि आप टीम के एक्स-फैक्टर हैं। खुद पर भरोसा रखें, गेंदबाजी में सबसे जरूरी चीज आत्मविश्वास है।”
सेमीफाइनल से पहले चक्रवर्ती ने नेट्स में काफी मेहनत की, लेकिन पावरप्ले में इस्तेमाल किए जाने के बाद वह सही लेंथ नहीं ढूंढ पाए। तेज रन वाली पिच पर उन्होंने चार ओवर में 64 रन देकर 1 विकेट लिया और पांच मुख्य गेंदबाजों में सबसे महंगे साबित हुए।
इंग्लैंड ने चक्रवर्ती के खिलाफ अच्छी तैयारी की थी। बाएं हाथ के बल्लेबाज जैकब बेथेल ने अपनी पारी की शुरुआत में ही उन्हें तीन छक्के जड़ दिए, जिससे चक्रवर्ती लय नहीं पकड़ पाए।
पिछले दो हफ्तों से वह कभी बहुत छोटी तो कभी बहुत फुल लेंथ गेंद डाल रहे थे। उनकी पहली गेंद को ही बेथेल ने लॉन्ग-ऑन के ऊपर छक्का मार दिया। अगली गेंद को भी उन्होंने सीधे मैदान के पार भेज दिया। तीसरा और सबसे शानदार शॉट रिवर्स हिट था, जो बैकवर्ड पॉइंट के ऊपर से गया।
इस हाई-स्कोरिंग मैच में बेथेल ने सिर्फ 13 गेंदों में चक्रवर्ती के खिलाफ 42 रन बना दिए और बाद में शानदार शतक लगाया, हालांकि वह इंग्लैंड को जीत नहीं दिला सके। चक्रवर्ती जब भी दोबारा गेंदबाजी के लिए आए, वह बल्लेबाजों को रोक नहीं पाए।
अक्षर पटेल ने फिर भी उनका बचाव करते हुए कहा, “अगर आप देखें तो कुछ छक्के खाने के बाद भी उन्होंने जोस बटलर का विकेट लिया। वह दुनिया के नंबर-1 टी20 गेंदबाज हैं और जानते हैं कि उन्हें क्या करना है। यह सब मानसिकता की बात है। हमारे पास अभी एक मैच और है, शायद फाइनल में वह मैच जिताने वाला प्रदर्शन करें।”
पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह का मानना है कि चक्रवर्ती बहुत तेज गेंदबाजी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “वह मैच-विनर हैं, लेकिन शुरुआत से ही जब बल्लेबाज हमला करते हैं तो किसी भी गेंदबाज पर दबाव आ जाता है। वह ज्यादा गति से गेंद डाल रहे हैं और सही लेंथ नहीं ढूंढ पा रहे हैं। गेंद या तो बहुत छोटी होती है या बहुत फुल।”
उन्होंने आगे कहा, “स्टंप को निशाना बनाना उनकी ताकत है, लेकिन कभी-कभी वह अपनी इसी रणनीति से हटकर वाइड लाइन पर गेंदबाजी करने लगते हैं। वह दबाव में हैं। उन्हें नेट्स में जाकर फिर से मेहनत करनी होगी।”
टी20 जैसे तेज फॉर्मेट में गेंदबाज के लिए सबसे मुश्किल काम यह होता है कि वह दबाव के बावजूद अपनी योजना पर कायम रहे। गुरुवार को बेथेल ने चक्रवर्ती की योजनाओं को नाकाम कर दिया था, और अब रविवार को न्यूजीलैंड के खतरनाक ओपनरों के खिलाफ उन्हें एक बड़ी परीक्षा का सामना करना पड़ेगा।








