भारत बनाम इंग्लैंड टी20 वर्ल्ड कप मुकाबला: वह रात जब युवराज सिंह ने जड़े थे छह छक्के!

टी20 वर्ल्ड कप में भारत और इंग्लैंड की टीमें अब तक पांच बार भिड़ चुकी हैं। लेकिन अगर यादगार मुकाबलों की बात की जाए, तो 2007 के पहले टी20 वर्ल्ड कप में खेला गया मैच क्रिकेट इतिहास का एक क्लासिक माना जाता है।

गुरुवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल से पहले उस ऐतिहासिक मुकाबले को याद करना खास रहेगा, जब युवराज सिंह ने डरबन में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींच लिया था।

19 सितंबर 2007 को युवराज सिंह ने क्रिकेट इतिहास में एक शानदार उपलब्धि हासिल की थी, जब उन्होंने एक ही ओवर में लगातार छह छक्के जड़ दिए थे। यह मैच टी20 वर्ल्ड कप 2007 के सुपर एट चरण में भारत और इंग्लैंड के बीच डरबन के किंग्समीड मैदान पर खेला गया था।

भारत ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और टीम का स्कोर 3 विकेट पर 171 रन था, जब युवराज सिंह बल्लेबाजी करने आए।

हालांकि 18वें ओवर के अंत में युवराज सिंह और एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बीच कुछ कहासुनी हो गई। इसके बाद गुस्से से भरे युवराज अगले ओवर में स्टुअर्ट ब्रॉड का सामना करने के लिए तैयार थे, जिन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उनके साथ क्या होने वाला है।

युवराज ने ब्रॉड की पहली गेंद को मिड-ऑफ के ऊपर से छक्का जड़ दिया। दूसरी गेंद बैकवर्ड स्क्वायर लेग के ऊपर स्टैंड में चली गई। तीसरी गेंद एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से छक्के के लिए गई।

चौथी गेंद फुल टॉस थी और युवराज ने उसे बैकवर्ड पॉइंट के ऊपर से छक्के के लिए भेज दिया।

इसके बाद इंग्लैंड के कप्तान पॉल कॉलिंगवुड ने ब्रॉड से बात की और उन्हें ऑफ स्टंप लाइन पर गेंदबाजी करने की सलाह दी। लेकिन इसका भी कोई असर नहीं हुआ और युवराज ने पांचवीं गेंद को स्क्वायर लेग के ऊपर छक्के के लिए भेज दिया।

अब पूरा दबाव ब्रॉड पर था और युवराज का आत्मविश्वास चरम पर। ब्रॉड ने यॉर्कर डालने की कोशिश की, लेकिन गेंद सही जगह नहीं पड़ी और युवराज ने उसे लॉन्ग-ऑन के ऊपर स्टैंड में छक्के के लिए भेज दिया।

ब्रॉड, इंग्लैंड टीम और फ्लिंटॉफ समझ ही नहीं पाए कि उनके साथ अभी क्या हुआ।

इस दौरान युवराज सिंह ने सिर्फ 12 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जो आज भी टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक है। युवराज ने मात्र 16 गेंदों में 58 रन बनाकर भारत को 20 ओवर में 4 विकेट पर 218 रन तक पहुंचाया।

इंग्लैंड ने लक्ष्य का पीछा करते हुए कड़ी टक्कर दी और एक समय ऐसा लगा कि वे मैच जीत सकते हैं। लेकिन अंत में उनकी टीम 6 विकेट पर 200 रन ही बना सकी और भारत ने यह मैच 18 रन से जीत लिया।

इसके बाद भारत ने उस साल पहला टी20 वर्ल्ड कप भी जीत लिया। लेकिन युवराज सिंह के उस एक ओवर में लगाए गए छह छक्के आज भी टी20 क्रिकेट के सबसे यादगार पलों में गिने जाते हैं।

बाद में उस ऐतिहासिक पल को याद करते हुए युवराज सिंह ने कहा था कि फ्लिंटॉफ के साथ हुई बहस और इससे पहले एक वनडे मैच में दिमित्री मस्करेनहास द्वारा उनके ओवर में लगाए गए पांच छक्कों की याद ने उन्हें वह खास प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।