द हंड्रेड में पाकिस्तानी सितारों पर संकट, पीसीबी करेगा ईसीबी से बात!

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) इस बात को लेकर गंभीर हो गया है कि इस साल द हंड्रेड टूर्नामेंट में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीसीबी अब इस मुद्दे को औपचारिक रूप से इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के सामने उठाने की तैयारी में है।

टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट की रिपोर्ट के अनुसार, पीसीबी 11 और 12 मार्च को होने वाली प्लेयर ऑक्शन से पहले ईसीबी को पत्र लिखेगा और मांग करेगा कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ निष्पक्ष व्यवहार किया जाए। इस साल द हंड्रेड का आयोजन 21 जुलाई से 16 अगस्त तक होना है।

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों के एजेंट्स को बताया गया है कि चार फ्रेंचाइज़ी — मैनचेस्टर सुपर जायंट्स, एमआई लंदन, सदर्न ब्रेव और सनराइजर्स लीड्स — उन्हें चुनने में रुचि नहीं दिखा रही हैं। ये सभी टीमें आईपीएल फ्रेंचाइज़ियों से जुड़े मालिकों के अधीन हैं।

पीसीबी अधिकारियों का मानना है कि अगर ऐसा सामूहिक रूप से किया गया तो यह ईसीबी की समावेशिता और समान अवसर की नीति के खिलाफ होगा।

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि पीसीबी के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें सलमान नसीर भी शामिल हैं, इस मुद्दे को औपचारिक रूप से उठाएंगे। उनका कहना है कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को किनारे करना क्रिकेट में विविधता को लेकर ईसीबी के सार्वजनिक रुख से मेल नहीं खाता।

अधिकारियों ने इंग्लैंड और पाकिस्तान के पुराने क्रिकेट रिश्तों की भी याद दिलाई है और बताया कि पहले भी पाकिस्तानी खिलाड़ी द हंड्रेड में सफलतापूर्वक खेल चुके हैं। पिछले सीजन में इमाद वसीम और मोहम्मद आमिर नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स की ओर से खेले थे।

इस बार ऑक्शन के लिए रजिस्टर करने वाले 63 पाकिस्तानी खिलाड़ियों में सलमान अली आगा, शाहीन शाह अफरीदी और उस्मान तारीक जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं।

इससे पहले इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल कप्तान हैरी ब्रूक ने कहा था कि द हंड्रेड में पाकिस्तानी खिलाड़ियों का न होना निराशाजनक होगा और उन्होंने पाकिस्तान को प्रतिभाशाली खिलाड़ियों वाला मजबूत क्रिकेट देश बताया था। वहीं पूर्व कप्तान माइकल वॉन भी ईसीबी से इस मामले को गंभीरता से देखने की अपील कर चुके हैं।

अब देखना दिलचस्प होगा कि ईसीबी इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है और क्या पाकिस्तानी खिलाड़ियों को द हंड्रेड में बराबर मौका मिल पाता है या नहीं।