
शनिवार को जब चयनकर्ता न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 11 जनवरी से वडोदरा में शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज़ के लिए भारत की 15 सदस्यीय टीम का ऐलान करेंगे, तो चर्चा का केंद्र ऋषभ पंत और मोहम्मद सिराज रहने की पूरी संभावना है।
हालांकि कुछ हफ्ते पहले दक्षिण अफ्रीका को हराने वाली टीम में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति दो अहम मुद्दों पर ज़रूर विचार कर सकती है।
पहला मुद्दा ऋषभ पंत की दूसरे विकेटकीपर के रूप में भूमिका को लेकर है। घरेलू क्रिकेट में ध्रुव चंद जुरेल ने उत्तर प्रदेश के लिए “डैडी हंड्रेड” लगाया है, जबकि ईशान किशन ने झारखंड के लिए मिडिल ऑर्डर में अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी से सबका ध्यान खींचा है।
अगरकर और मुख्य कोच गौतम गंभीर दोनों ही टीम संयोजन के आधार पर खिलाड़ियों को चुनने के पक्षधर रहे हैं। इसी वजह से टी20 अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने ईशान किशन और संजू सैमसन जैसे ओपनिंग विकेटकीपरों को प्राथमिकता दी है। वहीं वनडे में विकेटकीपर से उम्मीद की जाती है कि वह नंबर 5 या नंबर 6 पर मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाज़ी करे।
निष्पक्ष रूप से देखें तो गंभीर के हेड कोच बनने के बाद जुलाई 2024 से दिसंबर 2025 के बीच पंत ने सिर्फ एक ही वनडे मैच खेला है। आठ साल में सिर्फ 31 वनडे और 35 से कम की औसत उनके असली टैलेंट को पूरी तरह नहीं दर्शाती। यहां तक कि उनके बड़े आलोचक भी मानते हैं कि मैच पर असर डालने के मामले में पंत, किशन और जुरेल से आगे हैं।
हालांकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गुवाहाटी टेस्ट में उनकी शॉट सेलेक्शन से न तो कोच और न ही चयनकर्ता प्रभावित हुए। लेकिन बिना पूरा मौका दिए किसी खिलाड़ी को बाहर करना भी असहज स्थिति पैदा कर सकता है।
दूसरा अहम मुद्दा तेज़ गेंदबाज़ों के चयन को लेकर है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या चयनकर्ता हालिया दक्षिण अफ्रीका सीरीज़ खेलने वाले अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा को आराम देते हैं। हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह को टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी के चलते आराम दिए जाने की संभावना है।
मोहम्मद सिराज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विदेशी सीरीज़ खेली थी, लेकिन परिस्थितियों के चलते उन्हें दक्षिण अफ्रीका सीरीज़ के लिए नहीं चुना गया और वह चैंपियंस ट्रॉफी टीम का भी हिस्सा नहीं थे। 2023 वर्ल्ड कप तक नियमित खिलाड़ी रहने के बावजूद वनडे टीम से उनका बाहर होना हैरान करने वाला रहा है।
सिराज मौजूदा विजय हज़ारे ट्रॉफी के आख़िरी तीन राउंड में से दो में हैदराबाद के लिए खेल सकते हैं, हालांकि उन्होंने शुरुआती चार राउंड नहीं खेले थे।
मोहम्मद शमी ने बंगाल के लिए घरेलू क्रिकेट खेला है, लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि वह अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने शिखर से आगे निकल चुके हैं। साथ ही, शमी और चयन समिति के बीच संवाद को लेकर भी स्पष्टता नहीं दिखी है।
विजय हज़ारे ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करने वालों में देवदत्त पडिक्कल (ओपनर) और सरफराज़ खान (नंबर चार) भी मज़बूत दावेदार हैं। हालांकि शुबमन गिल, रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल की मौजूदगी में पडिक्कल के लिए जगह बनाना मुश्किल होगा।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शतक लगाने के बाद रुतुराज गायकवाड़, सरफराज़ खान से आगे निकल चुके हैं, भले ही सरफराज़ का घरेलू प्रदर्शन बेहतरीन रहा हो।
आख़िरकार, अगर पांच सदस्यीय चयन समिति मौजूदा टीम को ही बरकरार रखने का फैसला करती है, तो इन सभी चयन चर्चाओं का कोई खास मतलब नहीं रह जाएगा।








