
भारत की सलामी बल्लेबाज़ शेफाली वर्मा ने पिछले महीने महिला विश्व कप फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच जिताऊ बल्लेबाज़ी के दम पर नवंबर के लिए आईसीसी का ‘प्लेयर ऑफ द मंथ’ पुरस्कार जीत लिया है।
नवी मुंबई में खेले गए फाइनल में मेज़बान भारत ने 7 विकेट पर विशाल 298 रन बनाए और फिर 52 रन से जीत दर्ज कर अपना पहला विश्व कप खिताब अपने नाम किया।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में चोटिल प्रतीका रावल की जगह टीम में शामिल की गई शेफाली ने फाइनल में 78 गेंदों पर 87 रनों की शानदार पारी खेली, जो महिला विश्व कप फाइनल में किसी भी भारतीय ओपनर का सर्वोच्च स्कोर है।
शेफाली ने स्मृति मंधाना के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 104 रनों की साझेदारी की, जिसने बड़े स्कोर की नींव रखी।
21 वर्षीय शेफाली ने यह सम्मान थाईलैंड की थिपाचा पुट्टावोंग और संयुक्त अरब अमीरात की ईशा ओज़ा को पीछे छोड़ते हुए अपने करियर का पहला ‘प्लेयर ऑफ द मंथ’ अवॉर्ड जीता।
आईसीसी की विज्ञप्ति में शेफाली ने कहा, “मेरा पहला आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप अनुभव वैसा नहीं रहा जैसा मैंने सोचा था, लेकिन इसका अंत मेरी उम्मीदों और कल्पनाओं से कहीं बेहतर हुआ।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं आभारी हूं कि फाइनल में टीम की जीत में योगदान दे सकी और घरेलू दर्शकों के सामने पहली बार विश्व कप जीतकर इतिहास रचने का हिस्सा बनी। नवंबर की महिला प्लेयर ऑफ द मंथ चुने जाने पर मैं बेहद सम्मानित महसूस कर रही हूं।”
“यह पुरस्कार मैं अपनी टीम, कोचों, परिवार और उन सभी को समर्पित करती हूं जिन्होंने अब तक मेरे सफर में मेरा साथ दिया। हम टीम के रूप में जीतते और हारते हैं, और यही बात इस पुरस्कार पर भी लागू होती है,” शेफाली ने जोड़ा।
पुरुष वर्ग में यह पुरस्कार दक्षिण अफ्रीका के स्पिनर साइमन हार्मर को मिला, जिन्होंने भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ में प्रोटियाज़ की 2-0 की ऐतिहासिक जीत में शानदार गेंदबाज़ी की।
हार्मर ने पाकिस्तान के मोहम्मद नवाज़ और बांग्लादेश के ताइजुल इस्लाम को पीछे छोड़ते हुए पहली बार यह सम्मान जीता। 36 वर्षीय हार्मर ने 25 साल बाद भारत में दक्षिण अफ्रीका की पहली टेस्ट सीरीज़ जीत में अहम भूमिका निभाई और पूरी सीरीज़ में कुल 17 विकेट झटके।
उन्होंने कोलकाता में खेले गए पहले टेस्ट में 4/30 और 4/21 के आंकड़े दर्ज किए, जबकि गुवाहाटी में दूसरे टेस्ट में 3/64 और 6/37 विकेट लिए। इस तरह उन्होंने सीरीज़ 17 विकेट, 8.94 की औसत और 1.91 की इकॉनमी के साथ खत्म की।
हार्मर ने कहा, “अपने देश के लिए खेलना मेरे लिए सपना सच होने जैसा है और इससे आगे जो भी मिलता है, वह बोनस है। मैं यह पुरस्कार अपने साथियों, कोचों और सपोर्ट स्टाफ के साथ साझा करता हूं और इसे अपने परिवार को समर्पित करता हूं, जो मुझे मेरा सपना जीने की आज़ादी देते हैं, भले ही इसके लिए मुझे अक्सर उन्हें घर पर छोड़ना पड़ता है।”








