
आईपीएल 2026 के दौरान बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में अपना 28वां अर्धशतक लगाने के बाद विराट कोहली ने कहा कि खेल से नियमित ब्रेक लेना उनके लिए मानसिक रूप से तरोताजा रहने और बर्नआउट से बचने में बेहद मददगार रहा है।
टूर्नामेंट के पहले मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने सनराइजर्स हैदराबाद को छह विकेट से हराया, जिसमें कोहली की अहम भूमिका रही।
पिछले साल आईपीएल फाइनल के बाद यह उनका पहला टी20 मैच था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने 38 गेंदों में 69 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें पांच छक्के और पांच चौके शामिल थे। इससे साफ हुआ कि ब्रेक लेने का उनका फैसला सही रहा।
जब उनसे पूछा गया कि क्या इतने लंबे समय तक टी20 क्रिकेट न खेलने से वह तैयार नहीं थे, तो कोहली ने कहा,
“पिछले 15 सालों में जिस तरह का शेड्यूल रहा है और जितना क्रिकेट मैंने खेला है, उसमें मेरे लिए अंडर-प्रिपेयर्ड होने से ज्यादा बर्नआउट का खतरा था। ऐसे में ये ब्रेक्स मेरे लिए बहुत फायदेमंद रहे। मैं खुद को फ्रेश और उत्साहित महसूस करता हूं।”
37 वर्षीय कोहली ने यह भी कहा कि वह कभी भी अधूरी तैयारी के साथ मैदान पर वापसी नहीं करते।
“जब भी मैं खेलने लौटता हूं, तो 120% के साथ आता हूं। मैं कभी अधूरी तैयारी के साथ नहीं लौटता। अतिरिक्त आराम मुझे मानसिक रूप से तरोताजा करता है। जब आप शारीरिक रूप से फिट और मानसिक रूप से उत्साहित होते हैं, तो सब कुछ सही तरीके से काम करता है और आप टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं।”
कोहली ने यह भी बताया कि भले ही उन्होंने हाल ही में टी20 क्रिकेट नहीं खेला था, लेकिन वनडे मैचों ने उनकी लय बनाए रखने में मदद की।
“मैदान पर वापस आना अच्छा लगा। आपने टी20 की बात की, तो पिछला मैच मैंने पिछले साल फाइनल में खेला था। लेकिन हाल ही में वनडे सीरीज में जिस तरह से मैंने बल्लेबाजी की, उसने मुझे उसी लय में बनाए रखा। मैं ऐसे शॉट्स नहीं खेल रहा था जो मैं आमतौर पर नहीं खेलता। मुझे पता था कि अगर मेरी लय सही है और मैंने फिटनेस पर काम किया है, तो सब ठीक होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि यह पारी उनके लिए मजबूत शुरुआत करने और आगे अच्छा प्रदर्शन जारी रखने का मौका थी।








