
भारत और श्रीलंका में चल रहे 20 टीमों के इस टूर्नामेंट में दो हफ्तों की ज़बरदस्त प्रतिस्पर्धा के बाद अब टी20 वर्ल्ड कप शनिवार से सुपर एट्स चरण में प्रवेश कर रहा है।
अगर ग्रुप स्टेज की पांच बेहतरीन व्यक्तिगत पारियों को चुना जाए, तो भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव की अमेरिका के खिलाफ खेली गई मैच जिताऊ पारी निश्चित तौर पर सबसे ऊपर होगी, क्योंकि इसने क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक को होने से रोक दिया।
यूएसए के खिलाफ अपने पहले ग्रुप मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन भारत 77/6 पर बुरी तरह फंसा हुआ था। तभी कप्तान सूर्यकुमार यादव ने नाबाद 84 रन (49 गेंदों में) बनाकर टीम को संकट से बाहर निकाला।
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में सूर्यकुमार ने पहले संयम दिखाया और फिर अपने खास अंदाज़ में स्कूप, रैंप और स्वीप शॉट्स लगाते हुए ऐसी विस्फोटक पारी खेली कि करीब 35 हजार दर्शक झूम उठे।
36 गेंदों में अर्धशतक पूरा करने के बाद उन्होंने आख़िरी ओवरों में जोरदार हमला किया और अपनी पारी को 10 चौकों और 4 छक्कों तक पहुंचाया।
सौरभ नेत्रवलकर के आखिरी ओवर में सूर्यकुमार पूरी तरह हावी रहे — दो शानदार छक्के और दो चौके जड़ते हुए 21 रन बटोरे और भारत को 161/9 तक पहुंचाया, जिसे टीम बाद में डिफेंड करने में सफल रही।
सिर्फ सूर्यकुमार ही नहीं, ग्रुप स्टेज में कई और यादगार प्रदर्शन भी देखने को मिले।
वेस्टइंडीज़ के तेज़ गेंदबाज़ रोमारियो शेफर्ड ने स्कॉटलैंड के खिलाफ टूर्नामेंट की पहली हैट्रिक लेकर तहलका मचा दिया। जब स्कॉटलैंड 183 के लक्ष्य का पीछा करते हुए 16 ओवर में 133/5 पर था, तब शेफर्ड ने लगातार गेंदों पर मैथ्यू क्रॉस, माइकल लीस्क, ओलिवर डेविडसन और सफ़यान शरीफ को बिना खाता खोले आउट कर दिया। उन्होंने तीन ओवर में 5/20 का शानदार प्रदर्शन किया और स्कॉटलैंड की पारी पूरी तरह ढह गई।
ग्रुप स्टेज के सबसे बड़े उलटफेर में ज़िम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को हराया, जहां उनके लंबे कद के तेज़ गेंदबाज़ ब्लेसिंग मुज़ाराबानी ने 4/17 का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जोश इंग्लिस और खतरनाक बल्लेबाज़ टिम डेविड को शून्य पर आउट किया।
इसके बाद जब मैट रेनशॉ 65 रन बनाकर मैच संभाल रहे थे, तब मुज़ाराबानी ने उन्हें भी आउट कर दिया और फिर एडम ज़ाम्पा का विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को 146 पर समेट दिया। यही हार आगे चलकर ऑस्ट्रेलिया के टूर्नामेंट से बाहर होने की वजह बनी।
श्रीलंका के पाथुम निसांका ने टूर्नामेंट का पहला शतक लगाकर इसे “एक सपना सच होने जैसा” बताया। उन्होंने 52 गेंदों में शतक पूरा किया और श्रीलंका ने 182 का लक्ष्य दो ओवर पहले ही हासिल कर ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हरा दिया। उनकी पारी में 10 चौके शामिल थे और इस जीत से श्रीलंका सुपर एट्स में पहुंच गया।
वहीं कनाडा के 19 वर्षीय ओपनर युवराज समरा ने इतिहास रच दिया। वह टूर्नामेंट के सबसे युवा खिलाड़ी बने और किसी एसोसिएट देश से टी20 वर्ल्ड कप में शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज़ भी।
न्यूज़ीलैंड के खिलाफ उन्होंने 65 गेंदों में 110 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और 6 छक्के शामिल थे — जो अब तक टूर्नामेंट की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी है।
इन सभी शानदार प्रदर्शनों के बीच भी सूर्यकुमार यादव की यूएसए के खिलाफ खेली गई दबाव में आई पारी को ग्रुप स्टेज की सबसे अहम और यादगार पारियों में गिना जा रहा है, जिसने भारत को बड़ी शर्मिंदगी से बचा लिया।








