टी20 वर्ल्ड कप: ‘बदकिस्मत’, एबी डिविलियर्स ये बोले!

पूर्व दक्षिण अफ्रीकी कप्तान एबी डिविलियर्स के अनुसार, भारत की टी20 वर्ल्ड कप 2026 टीम से बाहर रहने वाले खिलाड़ियों में मोहम्मद सिराज सबसे ज़्यादा बदकिस्मत रहे। डिविलियर्स का मानना है कि सिराज को बाहर रखने का फैसला उनकी काबिलियत या फॉर्म से ज़्यादा टीम बैलेंस से जुड़ा हुआ था।

एबी डिविलियर्स ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि तेज़ गेंदबाज़ी विभाग चुनते समय भारतीय चयनकर्ताओं ने स्किल से ज़्यादा टीम कॉम्बिनेशन और ऑलराउंड विकल्पों को प्राथमिकता दी।

“हम सिराज को वनडे टीम में देखते हैं, वह उन बदकिस्मत खिलाड़ियों में से हैं जो टी20 वर्ल्ड कप से बाहर रह गए। लेकिन यह फिर से बैलेंस की बात है,” डिविलियर्स ने कहा।
“आपके पास बुमराह और अर्शदीप हैं। हर्षित बल्लेबाज़ी भी कर सकते हैं। तो ये आपके तीन तेज़ गेंदबाज़ हो गए।”

डिविलियर्स ने आगे भारत की बदलती टी20 सोच पर भी बात की और इशारा किया कि अब इस फॉर्मेट में सिर्फ तेज़ गेंदबाज़ी ही सबसे अहम नहीं रह गई है।

“मुझे लगता है इसी वजह से हर्षित को चुना गया, क्योंकि सिराज सिर्फ एक शुद्ध तेज़ गेंदबाज़ हैं और टीम सीम बॉलिंग पर ज़्यादा निर्भर नहीं रहना चाहती,” उन्होंने कहा।

“अब फोकस स्पिन गेंदबाज़ों पर है। अगर शुरुआती ओवरों में तेज़ गेंदबाज़ विकेट ले लें, तो उसे बोनस की तरह देखा जाता है।”

सिराज ने जुलाई 2024 के बाद कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है और टीम मैनेजमेंट ने इस बार ज़्यादा फ्लेक्सिबिलिटी को तरजीह दी। जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह के साथ हर्षित राणा की बल्लेबाज़ी क्षमता ने टीम को वह संतुलन दिया जिसकी तलाश थी।

हालांकि टी20 वर्ल्ड कप टीम से बाहर होने के बावजूद, सिराज भारत की व्हाइट-बॉल योजनाओं का अहम हिस्सा बने हुए हैं। वह जनवरी में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज़ के लिए टीम में लौट चुके हैं, जिससे साफ है कि चयनकर्ता उन्हें 2027 वर्ल्ड कप की तैयारियों में महत्वपूर्ण मानते हैं।

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर में सिराज के साथ ड्रेसिंग रूम साझा कर चुके डिविलियर्स ने ज़ोर देकर कहा कि सिराज की अहमियत कम नहीं हुई है। बल्कि उनका बाहर होना भारत की टी20 रणनीति में आए बदलाव को दर्शाता है, जहां अब स्पिन-भारी कॉम्बिनेशन और गहरी बल्लेबाज़ी को ज़्यादा महत्व दिया जा रहा है।