
इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक का कहना है कि दो बार की चैंपियन टीम को टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक पहुंचने के लिए “परफेक्ट गेम” खेलने की जरूरत नहीं पड़ी। उनके अनुसार टीम की एकता, विश्वास और दबाव में शांत रहने की क्षमता ही उनकी सफलता की असली वजह रही है।
दिलचस्प बात यह है कि दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड का मुकाबला दो बार की चैंपियन भारत से होगा। टी20 वर्ल्ड कप में यह लगातार तीसरी बार होगा जब दोनों टीमें सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगी।
टूर्नामेंट की शुरुआत में भारत को सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा था और इंग्लैंड की जीत प्रतिशत भी काफी ऊंची थी, लेकिन ब्रूक का मानना है कि अब तक किसी भी टीम ने पूरी तरह परफेक्ट मैच नहीं खेला है। उनके मुताबिक जब टीम के बाकी पहलू अच्छे चल रहे हों तो परफेक्ट खेल जरूरी नहीं होता।
ब्रूक ने कहा, “नहीं, मुझे नहीं लगता कि टूर्नामेंट जीतने के लिए हमें परफेक्ट गेम की जरूरत है। हमने जो मैच जीते हैं वे बिल्कुल भी परफेक्ट नहीं थे, फिर भी हम कई मैच आराम से और कुछ करीबी मुकाबलों में जीतने में सफल रहे। हमारी एकता, खिलाड़ियों का विश्वास और गेंदबाजों का दबाव में शांत रहना ही हमें जीत दिला रहा है।”
ब्रूक के अनुसार, इंग्लैंड के कई खिलाड़ियों के लिए मेजबान भारत के खिलाफ वर्ल्ड कप सेमीफाइनल खेलना एक सपना पूरा होने जैसा है।
उन्होंने कहा, “यह निश्चित रूप से खास मौका है। हमारे लिए यह सपना पूरा होने जैसा है कि हम वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में मेजबान देश के खिलाफ इतने प्रतिष्ठित मैदान पर खेलें। हम सभी इस मुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।”
हालांकि ब्रूक ने यह भी कहा कि वह टूर्नामेंट में कम से कम एक बार परफेक्ट प्रदर्शन देखना चाहेंगे।
उन्होंने कहा, “हम इस मैच में पूरे आत्मविश्वास के साथ उतर रहे हैं। हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं, लेकिन अभी तक हमारा परफेक्ट प्रदर्शन नहीं आया है। मुझे लगता है वह ज्यादा दूर नहीं है। उम्मीद है कि कल रात हम खुलकर और निडर होकर खेलेंगे और जितना हो सके उतना दबाव भारत पर डालेंगे।”
इंग्लैंड के ओपनर और पूर्व कप्तान जोस बटलर का टूर्नामेंट अब तक खराब रहा है। उन्होंने सात मैचों में सिर्फ 62 रन बनाए हैं और उनका औसत 8.85 रहा है। हालांकि ब्रूक इस बात को ज्यादा महत्व नहीं दे रहे।
उन्होंने कहा, “उसे ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं है। शायद उसे अकेला छोड़ देना ही सबसे अच्छा है। वह कई वर्षों से शानदार खिलाड़ी रहा है। मुझसे यह सवाल हजारों बार पूछा जा चुका है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि इस पर सवाल उठाने की कोई वजह है कि वह टीम में क्यों है।”
ब्रूक ने यह भी कहा कि इंग्लैंड को अक्सर स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ कमजोर कहा जाता है, लेकिन इस टूर्नामेंट में उनकी टीम ने अलग-अलग परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन किया है। यह टी20 वर्ल्ड कप मुंबई, कोलकाता, पल्लेकेले और कोलंबो जैसे कई स्थानों पर खेला गया है।
उन्होंने कहा, “हम श्रीलंका गए और वहां उपमहाद्वीप की मजबूत टीम के खिलाफ लगातार छह मैच जीते। टर्निंग पिचों पर खेलने का हमें अच्छा अनुभव है। वरुण चक्रवर्ती दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों में से एक हैं और मैं कोशिश करूंगा कि उनके खिलाफ ज्यादा से ज्यादा रन बनाऊं। हमारे पास भी अच्छे स्पिनर हैं और उन्होंने इस टूर्नामेंट में शानदार गेंदबाजी की है। भारत को भी इस चुनौती से निपटना होगा।”
ब्रूक का कहना है कि उनकी टीम अब तक टूर्नामेंट में कभी भी मुकाबले से बाहर महसूस नहीं करती।
उन्होंने कहा, “हमें लगता है कि हम किसी भी मैच में वापसी कर सकते हैं। बस हमारे टॉप सात बल्लेबाजों में से किसी एक को अच्छा स्कोर करना है या हमारे पांच-छह गेंदबाजों में से किसी एक का दिन अच्छा होना चाहिए और अचानक आप जीत के साथ मैदान से बाहर आते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में भी हर खिलाड़ी ने योगदान दिया था—चाहे बल्ले से, गेंद से या फील्डिंग में। अभी तक हमारी जीतें टीम प्रदर्शन पर आधारित रही हैं, लेकिन मुझे लगता है कि जल्द ही कोई बड़ा व्यक्तिगत परफोर्मेंस भी देखने को मिलेगा।”








