टी20 वर्ल्ड कप: सुनील गावस्कर बोले – संजू सैमसन की पारी ने हटा दिया दबाव का पहाड़!

महान बल्लेबाज़ सुनील गावस्कर का मानना है कि संजू सैमसन इतने “अच्छे इंसान” हैं कि हर कोई उन्हें सफल होते देखना चाहता है, और वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी मैच जिताऊ पारी ने सभी के मन का भारी दबाव कम कर दिया।

कोलकाता में रविवार रात खेले गए हाई-वोल्टेज टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले में सैमसन ने खराब फॉर्म का सिलसिला खत्म करते हुए बड़े मंच पर 97 रन की शानदार और मैच जिताऊ पारी खेली।

स्टार स्पोर्ट्स पर बातचीत में गावस्कर ने कहा, “यह नाबाद 97 रन की पारी सिर्फ संजू सैमसन के कंधों से ही नहीं, बल्कि उन सभी के दिल से बोझ हटाती है जो जानते हैं कि वह कितने उम्दा खिलाड़ी हैं। उनके करियर में उतार-चढ़ाव रहे हैं और हमने भी उसे महसूस किया है, क्योंकि वह इतने अच्छे इंसान हैं। हर कोई चाहता है कि वह अच्छा करें।”

वर्ल्ड कप से पहले सैमसन खराब फॉर्म से जूझ रहे थे, जो उनकी असली क्षमता के अनुरूप नहीं था।

गावस्कर ने कहा, “सभी भारतीय क्रिकेट प्रशंसक खुश होंगे कि इस ईमानदार क्रिकेटर को वह सफलता मिली जिसके वह हकदार थे।”

अब भारत का सेमीफाइनल में गुरुवार को मुंबई में इंग्लैंड से मुकाबला होगा।

गावस्कर के अनुसार, अगर सैमसन शतक पूरा कर लेते तो वह सोने पर सुहागा होता।

उन्होंने कहा, “मस्ट-विन मैच में ‘मैन ऑफ द मैच’ बनना किसी सपने के सच होने जैसा है। जब उन्होंने विजयी रन बनाए तो उनके चेहरे पर भावनाएं साफ दिख रही थीं। वह शतक से सिर्फ तीन रन दूर थे। अगर वह तीन अंकों तक पहुंच जाते तो शानदार होता।

लेकिन शायद अगली किसी पारी में शतक आएगा। यह आसान लक्ष्य नहीं था, लेकिन इस टीम ने हार नहीं मानी और असंभव को संभव कर दिखाया।”

गावस्कर ने यह भी समझाया कि 196 रन के लक्ष्य का सफल पीछा करने का राज़ डॉट बॉल कम खेलना था।

उन्होंने कहा, “एक छोर पर सेट बल्लेबाज़ होना बहुत फायदेमंद होता है। दूसरा बल्लेबाज़ सिंगल लेकर स्ट्राइक उसे दे सकता है। इस तरह डॉट बॉल कम होती हैं। टी20 क्रिकेट में कोशिश यही होनी चाहिए कि डॉट बॉल कम से कम हों।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है भारतीय टीम ने यह बात समझ ली है। जिन टीमों का डॉट बॉल प्रतिशत सबसे कम है, उनमें भारत ऊपर है। मैं यह नहीं कह रहा कि वे सबसे बेहतर हैं, लेकिन शीर्ष टीमों में जरूर हैं। यही आधी लड़ाई जीतने जैसा है।

120 गेंदों में अगर आप 80 से 85 गेंदों पर रन बना लेते हैं तो 190-200 जैसे स्कोर का पीछा करने का अच्छा मौका बनता है, और भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ ठीक यही किया।”