
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर और रवि शास्त्री ने रविवार को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए टी20 विश्व कप सुपर एट्स मुकाबले के दौरान ड्रिंक्स ब्रेक में आयोजित लेज़र शो की जरूरत पर सवाल उठाए।
जब पावरप्ले खत्म हुआ और निर्धारित ब्रेक लिया गया, तब भारत 196 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 53/2 पर था। इसी दौरान स्टेडियम की लाइटें मंद कर दी गईं और करीब तीन मिनट तक लेज़र शो किया गया, जिससे मैदान पर कुछ समय के लिए अंधेरा छा गया।
गावस्कर और शास्त्री ने कहा कि रोशनी में अचानक बदलाव से बल्लेबाजों की एकाग्रता और नजर पर असर पड़ सकता है।
कमेंट्री के दौरान गावस्कर ने कहा, “ड्रिंक्स ब्रेक के दो-ढाई या तीन मिनट में यह लेज़र शो… यह बल्लेबाजों या किसी के लिए भी आसान नहीं है। आंखों को फिर से तेज रोशनी की आदत डालनी पड़ती है। चारों तरफ अंधेरा और फिर अचानक तेज रोशनी— यह सही नहीं है।”
गावस्कर ने यह भी कहा कि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में ऐसे तमाशे अनावश्यक हैं।
उन्होंने कहा, “लेज़र शो चल रहा है। यह विश्व कप है। दो-ढाई मिनट के लिए क्या इस तरह के मनोरंजन की जरूरत है? आईपीएल के बीच के मैचों में ठीक है, लेकिन नॉकआउट में नहीं। और यहां तो विश्व कप चल रहा है। क्या ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान इसकी जरूरत है?”
रवि शास्त्री ने भी सहमति जताई और खिलाड़ियों के नजरिए से चिंता जाहिर की।
शास्त्री ने कहा, “खिलाड़ियों के लिए दोबारा फोकस में आना आसान नहीं होता। यह गंभीर मुकाबला है।”








