
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने शनिवार को कहा कि अब उनके पास करने के लिए कुछ भी नहीं बचा है और उन्होंने अगले महीने होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में अपनी जगह पर स्कॉटलैंड को शामिल करने के ICC के फैसले को स्वीकार कर लिया है।
ICC ने शनिवार को घोषणा की कि भारत और श्रीलंका में संयुक्त रूप से होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में स्कॉटलैंड, बांग्लादेश की जगह खेलेगा।
स्वतंत्र सुरक्षा आंकलन में किसी खास खतरे की बात न होने के बावजूद बांग्लादेश इस बात पर अड़ा रहा कि उनके खिलाड़ियों के लिए भारत जाना खतरनाक है। इसी वजह से ICC को आखिरी समय में यह फैसला लेना पड़ा।
BCB की मीडिया समिति के प्रमुख अमजद हुसैन ने कहा कि बोर्ड ने पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें पहले से पता था कि ICC उनकी मांग मानने वाला नहीं है और अब करने को “कुछ भी नहीं बचा” है।
उन्होंने कहा, “हमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। हम ICC बोर्ड का पूरा सम्मान करते हैं और बोर्ड के बहुमत का फैसला था कि मैच शिफ्ट नहीं किया जा सकता। इसके बाद भी हमने अपने तरीके से अनुरोध किया। जब वे यह नहीं करना चाहते या नहीं कर रहे, तो हमारे पास और कुछ नहीं बचता। हमने ICC बोर्ड का फैसला स्वीकार कर लिया है, क्योंकि ICC ने साफ कह दिया है कि हम न तो खेलने भारत जा सकते हैं और न ही हमारे मैच श्रीलंका शिफ्ट हो सकते हैं।”
हुसैन ने यह भी संकेत दिया कि BCB अब किसी अलग मध्यस्थता या कानूनी प्रक्रिया में नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा, “इस मामले में हम भारत खेलने नहीं जा सकते और हमारा रुख वही रहेगा। हम किसी अलग मध्यस्थता या किसी और प्रक्रिया में नहीं जा रहे हैं। हमने सरकार से बात की है। सरकार ने कहा है कि भारत जाकर वर्ल्ड कप खेलना हमारे खिलाड़ियों, पत्रकारों और टीम के साथ जाने वालों के लिए सुरक्षित नहीं होगा। इसी कारण हमने मैच श्रीलंका शिफ्ट करने का अनुरोध किया था। लेकिन कई दौर की बैठकों के बाद भी ICC ने इसे नहीं माना। चूंकि यह सरकार का फैसला है, इसलिए अब हम ज्यादा कुछ नहीं कर सकते।”
BCB ने ICC से मांग की थी कि या तो उनके मैच श्रीलंका शिफ्ट किए जाएं या उनकी टीम को ग्रुप C से हटाकर ग्रुप B में रखा जाए।
लेकिन ICC बोर्ड ने दोनों ही मांगों को खारिज कर दिया और तय किया कि अगर बांग्लादेश सरकार की मंजूरी नहीं मिलती तो टीम को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया जाएगा।
अमजद हुसैन ने अंत में कहा, “सुरक्षा कारणों से भारत में खेलना हमारे लिए सुरक्षित नहीं है और इसी वजह से यह फैसला लिया गया है।”








