
आईसीसी ने गुरुवार को घोषणा की कि टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारत में फंसे दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों का आखिरी समूह भी अपने-अपने देशों के लिए रवाना हो गया है। इससे पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र के हवाई क्षेत्र बंद होने से पैदा हुआ संकट खत्म हो गया।
जारी संघर्ष के कारण यात्रा योजनाएं प्रभावित हो गई थीं। दुबई जैसे प्रमुख ट्रांजिट केंद्रों पर हवाई क्षेत्र और हवाई अड्डे बंद होने की वजह से दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज की टीमें कोलकाता में फंसी हुई थीं।
वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका ने क्रमशः 1 मार्च और 4 मार्च को कोलकाता में अपने आखिरी टी20 वर्ल्ड कप मैच खेले थे। वेस्टइंडीज के बाकी 16 खिलाड़ियों को कमर्शियल उड़ानों से भेजा गया, जबकि 9 खिलाड़ी पहले ही इस सप्ताह रवाना हो चुके थे। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका के 29 सदस्यों का दल भी अब रवाना हो चुका है।
आईसीसी के बयान के अनुसार, “पिछले 24 घंटों में दक्षिण अफ्रीका के शेष 29 सदस्य और वेस्टइंडीज के अंतिम 16 सदस्य अपनी-अपनी मातृभूमि के लिए उड़ानों से रवाना हो गए हैं। इससे अत्यंत चुनौतीपूर्ण वैश्विक यात्रा परिस्थितियों के बीच चलाया गया जटिल अभियान समाप्त हो गया है।”
आईसीसी ने आगे कहा कि सभी खिलाड़ियों और स्टाफ की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना ही उनका मुख्य उद्देश्य था, जिसके कारण परिस्थितियों के बदलने के साथ यात्रा योजनाओं में लगातार बदलाव करने पड़े।
आईसीसी ने कहा, “इस दौरान आईसीसी की ऑपरेशंस और लॉजिस्टिक्स टीमें सरकारों, एयरलाइंस, चार्टर कंपनियों, एयरपोर्ट प्राधिकरणों और सदस्य बोर्डों के साथ लगातार काम करती रहीं ताकि बदलते हालात में उत्पन्न परिचालन बाधाओं से निपटा जा सके।”
इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी क्विंटन डी कॉक और डेविड मिलर, साथ ही इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने आईसीसी की आलोचना की थी। उनका कहना था कि इंग्लैंड के खिलाड़ियों को बेहतर यात्रा व्यवस्था मिली, क्योंकि वे सेमीफाइनल से बाहर होने के एक दिन के भीतर ही रवाना हो गए थे।
वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने भी पहले नाराजगी जताई थी कि कोलकाता से रवाना होने वाली चार्टर फ्लाइट लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण रद्द होने के बाद उन्हें आईसीसी की ओर से पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई।
दुबई के ऊपर हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण आईसीसी की साझेदार एयरलाइन एमिरेट्स भी उड़ानें संचालित नहीं कर पा रही थी।








