टी20 वर्ल्ड कप: चौंकाने वाली हार से बाहर हुई ऑस्ट्रेलिया,LA ओलंपिक 2028 की उम्मीदों पर भी संकट!

टी20 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज से बाहर होने के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए अब बड़े बदलाव लगभग तय माने जा रहे हैं। कभी लिमिटेड ओवर्स क्रिकेट की सबसे ताकतवर टीम मानी जाने वाली ऑस्ट्रेलिया का यह अभियान उसके इतिहास के सबसे खराब टूर्नामेंट्स में गिना जा रहा है।

मिचेल मार्श की टीम को जिम्बाब्वे और श्रीलंका के खिलाफ करारी हार झेलनी पड़ी, और मंगलवार को एक मैच के रद्द होने के बाद उनका टूर्नामेंट से बाहर होना तय हो गया। टीम पहले से ही चोटों, खराब फॉर्म और अपर्याप्त तैयारी से जूझ रही थी।

टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से मिचेल स्टार्क के संन्यास और पैट कमिंस व जोश हेज़लवुड के चोटिल होने के कारण, 2021 के चैंपियन और छह बार वनडे वर्ल्ड कप जीत चुकी ऑस्ट्रेलिया अपनी मशहूर तेज गेंदबाजी तिकड़ी के बिना पूरी तरह बिखरी नजर आई। बड़े टूर्नामेंट में दबदबे के लिए जानी जाने वाली यह टीम अब नेतृत्व और धार दोनों से वंचित दिखी।

अब ओमान के खिलाफ एक औपचारिक मुकाबले के बाद ऑस्ट्रेलिया को चयन और टीम मैनेजमेंट को लेकर कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ेगा।

आगे की नजर 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक पर भी है, जहां कई सालों बाद क्रिकेट की वापसी हो रही है — और उससे कुछ महीने पहले ऑस्ट्रेलिया को अगला टी20 वर्ल्ड कप भी होस्ट करना है। हालांकि ओलंपिक क्वालिफिकेशन की प्रक्रिया अभी तय नहीं है, लेकिन वर्ल्ड रैंकिंग के आधार पर सीधे प्रवेश मिलने की संभावना अहम होगी। इस शुरुआती बाहर होने से ऑस्ट्रेलिया को बड़ा झटका लगा है।

ओशिनिया क्षेत्र से न्यूज़ीलैंड, जो सुपर एट में पहुंच चुका है, अब ज्यादा मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है और वह ओलंपिक में ऑस्ट्रेलिया की जगह भी छीन सकता है।

उधर ऑस्ट्रेलिया के कई अनुभवी खिलाड़ी अपने करियर के अंतिम दौर में हैं और फिटनेस से जूझ रहे हैं। कमिंस पीठ की समस्या से परेशान हैं और हेज़लवुड लंबे समय से एड़ी और हैमस्ट्रिंग की चोट से बाहर हैं।

देर से टीम में शामिल किए गए स्टीव स्मिथ ने भले ही ओलंपिक पदक जीतने की इच्छा जताई हो, लेकिन तब उनकी उम्र 39 साल होगी। वहीं मार्कस स्टोइनिस और ग्लेन मैक्सवेल जैसे अनुभवी ऑलराउंडर भी उसी पीढ़ी से हैं।

नए खिलाड़ियों को आजमाने की कोशिशों के बावजूद बहुत कम ऐसे खिलाड़ी सामने आए हैं जिन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया हो। इस वर्ल्ड कप में नाथन एलिस, बेन ड्वार्शुइस और ज़ेवियर बार्टलेट की गेंदबाजी की खूब धुनाई हुई, जबकि ऑलराउंडर कूपर कॉनॉली का खराब प्रदर्शन भी जारी रहा।

हालांकि ऑस्ट्रेलिया ने हमेशा टी20 क्रिकेट को उतनी गंभीरता से नहीं लिया जितनी टेस्ट या एशेज को, लेकिन ओलंपिक और घरेलू वर्ल्ड कप को देखते हुए अब उन्हें अपनी व्हाइट-बॉल टीम को नए सिरे से खड़ा करना ही होगा।

कभी जिस टीम की धाक पूरी दुनिया में थी, उसकी सीमित ओवरों की साख अब लगभग खत्म होती नजर आ रही है।