
टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ शानदार शतक लगाने के बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक को खुद पाकिस्तानी तेज़ गेंदबाज़ शाहीेन शाह अफरीदी ने “वर्ल्ड क्लास पारी” करार दिया। ब्रूक की इस धमाकेदार पारी ने न सिर्फ इंग्लैंड को सेमीफाइनल में पहुंचाया, बल्कि पाकिस्तान की अंतिम चार में जगह बनाने की उम्मीदों को भी लगभग खत्म कर दिया।
इंग्लैंड ने 165 रनों का लक्ष्य पांच गेंद शेष रहते दो विकेट से हासिल कर लिया। ब्रूक ने 50 गेंदों में अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा किया, जिसमें उन्होंने 10 चौके और 4 छक्के लगाए। इससे पहले अफरीदी ने शुरुआती ओवरों में तीन विकेट झटककर इंग्लैंड को बड़ा झटका दिया था।
मैच के बाद अफरीदी ने कहा, “मेरे हिसाब से यह उसकी ज़िंदगी की सबसे बेहतरीन पारी होगी। पिच बल्लेबाज़ी के लिए आसान नहीं थी, लेकिन उसने मैच हमसे छीन लिया।”
सुबह इंग्लैंड के कोच ब्रेंडन मैकुलम से बातचीत के बाद ब्रूक को नंबर तीन पर भेजा गया था। वह तब बल्लेबाज़ी करने आए जब अफरीदी ने पहली ही गेंद पर फिल सॉल्ट को आउट कर दिया। इसके बाद अफरीदी ने जोस बटलर और जैकब बेथेल को भी पवेलियन भेज दिया, जिससे पावरप्ले में इंग्लैंड का स्कोर 35/3 हो गया।
इसके बाद ब्रूक ने मोर्चा संभाला और सैम करन के साथ पांचवें विकेट के लिए 45 रन तथा विल जैक्स के साथ छठे विकेट के लिए 52 रनों की अहम साझेदारी की। यह शतक टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में किसी कप्तान का पहला और कुल मिलाकर दूसरा सबसे तेज़ शतक रहा।
सबसे तेज़ शतक का रिकॉर्ड अब भी वेस्टइंडीज़ के दिग्गज क्रिस गेल के नाम है, जिन्होंने 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ 47 गेंदों में सेंचुरी लगाई थी। ब्रूक ने ‘नर्वस नाइंटीज़’ को महज़ दो गेंदों में पार करते हुए अफरीदी पर एक छक्का और एक चौका जड़कर शतक पूरा किया।
अगली ही गेंद पर अफरीदी ने यॉर्कर से ब्रूक को आउट कर दिया, लेकिन जोरदार जश्न मनाने के बजाय वह सीधे इंग्लैंड के कप्तान के पास गए और हाथ मिलाकर उनकी तारीफ की — जो खेल भावना का शानदार उदाहरण था।
अफरीदी ने कहा, “ब्रूक ने बेहतरीन क्रिकेटिंग शॉट्स खेले। वह तारीफ का हकदार था, इसलिए मैंने जाकर उससे हाथ मिलाया।”
अब पाकिस्तान के पास सेमीफाइनल में पहुंचने की बेहद कम उम्मीद बची है। सुपर 8 के दो मैचों में उनके पास सिर्फ एक अंक है।
अफरीदी ने माना, “हमें पता है कि अब हमारा भविष्य हमारे हाथ में नहीं है। हमें शनिवार को श्रीलंका को हराना होगा और फिर बाकी नतीजों के हमारे पक्ष में आने की दुआ करनी होगी। हालात परफेक्ट नहीं हैं, लेकिन यही सच्चाई है।”
अब पाकिस्तान के लिए हर मैच ‘करो या मरो’ जैसा बन चुका है।








