टी20 वर्ल्ड कप: क्विंटन डी कॉक ने वरुण चक्रवर्ती की मिस्ट्री स्पिन के खिलाफ रणनीति का किया खुलासा!

दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज़ वरुण चक्रवर्ती की गेंदबाज़ी से काफी परेशान रहे हैं, लेकिन अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज़ क्विंटन डी कॉक का मानना है कि उनके युवा साथी खिलाड़ियों को अपने स्वाभाविक खेल पर भरोसा रखना चाहिए और कुछ अलग करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

चक्रवर्ती ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आठ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 22 विकेट लिए हैं, जिनमें दिसंबर में हुई हालिया द्विपक्षीय सीरीज़ में 10 विकेट शामिल हैं।

हालांकि, पिछले दो महीनों में प्रोटीज़ टीम अधिक संतुलित नज़र आई है। डी कॉक के अनुसार, टीम के हर खिलाड़ी ने उस स्पिनर से निपटने के लिए अतिरिक्त तैयारी की है, जो लेग ब्रेक और ऑफ ब्रेक दोनों डाल सकता है।

जब उनसे पूछा गया कि वह चक्रवर्ती का सामना कैसे करेंगे, तो डी कॉक ने कहा, “मुझे लगता है कि हर खिलाड़ी का अपना तरीका होता है। आखिर में हमारे खिलाड़ियों को अपनी ताकत पर टिके रहना होगा और सही समय पर अपनी समझ का इस्तेमाल करना होगा। बस यही बात है।”

उन्होंने आगे कहा, “वह इस समय बहुत अच्छे गेंदबाज़ हैं और दो महीने पहले सीरीज़ में उन्होंने हमारे खिलाफ शानदार गेंदबाज़ी की थी। उम्मीद है कि उस सीरीज़ के बाद खिलाड़ियों को उन्हें और समझने का समय मिला होगा और उन्होंने योजना बनाई होगी कि उनके खिलाफ कैसे खेलना है। उम्मीद है कि उनकी योजनाएं काम करेंगी।”

हालांकि डी कॉक ने यह भी स्वीकार किया कि अगर योजना सफल नहीं होती तो उसकी वजह साफ होगी। “अगर प्लान काम नहीं करता, तो उसकी वजह यही होगी कि वह दुनिया के नंबर-1 टी20 स्पिनर हैं। हमें देखना होगा कि हम क्या कर सकते हैं।”

डी कॉक ने भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा की लगातार तीन ‘डक’ (शून्य) पर भी संतुलित प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा, “वह इस समय रैंकिंग के अनुसार दुनिया के नंबर-1 टी20 बल्लेबाज़ हैं, इसलिए उन्हें वही करते रहना चाहिए जो कर रहे हैं। वह अभी युवा हैं, इसलिए असफलता आना स्वाभाविक है। नंबर-1 होना कुछ मायने रखता है। मुझे यकीन है कि किसी अहम मैच में वह बड़ी पारी खेलेंगे।”

डी कॉक का मानना है कि दोनों टीमें हाल के महीनों में कई बार एक-दूसरे के खिलाफ खेल चुकी हैं, इसलिए ज्यादा अंतर नहीं है। मुकाबला वही टीम जीतेगी जो दबाव को बेहतर तरीके से संभालेगी।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कल अच्छा मुकाबला होगा, क्योंकि पिछले दो महीनों में हम कई बार आमने-सामने आए हैं और टीमें भी ज्यादा नहीं बदली हैं। आईपीएल में भी हम एक-दूसरे के खिलाफ खेलते रहते हैं। हर कोई जानता है कि सामने वाला कैसे खेलता है और कैसे सोचता है। आखिर में बात इस पर आएगी कि दबाव में कौन पहले बिखरता है।”