
मंगलवार को मुंबई में खेले गए ग्रुप C के एक औपचारिक मुकाबले में नेपाल ने स्कॉटलैंड को सात विकेट से हराकर टी20 वर्ल्ड कप में अपनी 12 साल लंबी जीत की सूखी पारी समाप्त कर दी। इस जीत के हीरो रहे कुशल भुर्तेल की तेज़ शुरुआत और दीपेंद्र सिंह ऐरी का नाबाद अर्धशतक।
‘राइनोज़’ ने वानखेड़े स्टेडियम में लगभग 19,000 दर्शकों के सामने यह रोमांचक जीत दर्ज की। नेपाल ने इससे पहले 2014 में अपने डेब्यू टी20 वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान और नीदरलैंड्स को हराया था, उसके बाद से उन्हें जीत नहीं मिली थी।
171 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए नेपाल ने 19.2 ओवर में 171/3 बनाकर मुकाबला जीत लिया। दीपेंद्र सिंह ऐरी ने 23 गेंदों पर नाबाद 50 रन ठोके, जिसमें तीन छक्के और चार चौके शामिल थे। कुशल भुर्तेल (43) ने आक्रामक शुरुआत दी, जबकि गुलशन झा (24 नाबाद) ने चौथे विकेट के लिए ऐरी के साथ 73 रनों की अटूट साझेदारी निभाई और अहम मौके पर दो शानदार छक्के लगाए।
भुर्तेल को शुरुआत में जीवनदान मिला जब ब्रैड करी उनका कैच नहीं पकड़ पाए। इसके बाद उन्होंने उसी ओवर में लॉन्ग-ऑन के ऊपर लंबा छक्का जड़कर स्कॉटलैंड को कीमत चुकाने पर मजबूर कर दिया। शुरुआती दबाव के बाद नेपाल के बल्लेबाज़ों ने लय पकड़ी और रनगति तेज़ कर दी।
आसिफ शेख (33) ने चौथे ओवर में फाइन लेग के ऊपर छक्का लगाकर शुरुआत की। इसके बाद भुर्तेल ने मार्क वॉट के ओवर में दो छक्के और एक चौका जड़ा। हालांकि स्कॉटिश स्पिनरों ने बीच के ओवरों में दबाव बनाया और कुछ विकेट झटके।
माइकल लीस्क (3/30) ने भुर्तेल को मिडविकेट पर कैच कराया। इसके बाद आसिफ भी पवेलियन लौटे। कप्तान रोहित पौडेल (16) भी ज्यादा देर टिक नहीं सके। लेकिन 16वें ओवर में ऐरी ने दो ऑन-साइड छक्के और एक चौका लगाकर मैच का रुख पलट दिया।
अंत में 20वें ओवर में गुलशन झा ने चौका लगाकर जीत की औपचारिकता पूरी की और नेपाल ने चार गेंद शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इससे पहले स्कॉटलैंड ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 170/7 का प्रतिस्पर्धी स्कोर बनाया। माइकल जोन्स ने 45 गेंदों पर 71 रन बनाए, जिसमें आठ चौके और तीन छक्के शामिल थे। उन्होंने जॉर्ज मंसी के साथ पहले विकेट के लिए 80 रन जोड़े। मंसी ने 29 गेंदों पर 27 रन बनाए।
मंसी दसवें ओवर की आखिरी गेंद पर आउट हुए। जोन्स ने कुछ शानदार शॉट लगाए, लेकिन 16वें ओवर में सोमपाल कामी (3/25) ने उन्हें बोल्ड कर दिया और इसके बाद स्कॉटलैंड की पारी ज्यादा आगे नहीं बढ़ सकी।
इंग्लैंड और वेस्टइंडीज इस ग्रुप से पहले ही सुपर एट में पहुंच चुके थे, जबकि नेपाल और स्कॉटलैंड टूर्नामेंट से बाहर हो चुके थे। हालांकि नेपाल ने अपने अभियान का अंत ऐतिहासिक जीत के साथ किया।








