टी20 वर्ल्ड कप: ऑस्ट्रेलिया की देर से आई तेज़ी, एकतरफा मुकाबले में ओमान को हराया!

कप्तान मिचेल मार्श की तूफानी पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने शुक्रवार को कैंडी में ओमान को 9 विकेट से हराकर अपना निराशाजनक टी20 वर्ल्ड कप अभियान जीत के साथ समाप्त किया।

पहले ओमान को सिर्फ 104 रन पर समेटने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने महज़ एक विकेट खोकर 108 रन बना लिए और 10 से ज़्यादा ओवर शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। मार्श ने सिर्फ 33 गेंदों में 64 रन ठोक दिए, जिसमें 4 छक्के और 7 चौके शामिल थे। उन्होंने पावरप्ले के अंदर ही अपना अर्धशतक पूरा कर लिया।

जोश इंग्लिस 12 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि दूसरे ओपनर ट्रैविस हेड ने 32 रन जोड़े। हालांकि 20वीं रैंक की ओमान टीम पर मिली यह जीत श्रीलंका में बेहद खराब रहे पूरे टूर्नामेंट के बाद ऑस्ट्रेलिया को ज्यादा सुकून नहीं दे पाएगी।

सह-मेज़बान श्रीलंका और ज़िम्बाब्वे से हार के बाद कमजोर पड़ चुकी ऑस्ट्रेलियाई टीम इस टूर्नामेंट के इतिहास में सिर्फ दूसरी बार दूसरे चरण में पहुंचने से चूक गई।

ऑस्ट्रेलिया पहले ही पाकिस्तान में 0-3 से सीरीज़ हारकर आई थी और तेज़ गेंदबाज़ जोश हेज़लवुड व पैट कमिंस चोट के कारण टीम में नहीं थे। ऊपर से अभ्यास के दौरान मार्श को गंभीर चोट लग गई, जिससे वह शुरुआती दो मैच भी नहीं खेल पाए।

ज़िम्बाब्वे और आयरलैंड का मैच रद्द होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने टीम चयन को लेकर जमकर आलोचना की।

टिम डेविड को नंबर चार पर “पावर हिटर” बनाकर उतारना — जबकि वह हैमस्ट्रिंग इंजरी के चलते दिसंबर से नहीं खेले थे — और लगातार खराब प्रदर्शन कर रहे कैमरन ग्रीन को टीम में बनाए रखना बड़े फैसलों पर सवाल बने।

पहले जहां ग्लेन मैक्सवेल मैच जिताने वाले खिलाड़ी माने जाते थे, वहीं इस टूर्नामेंट में वह रन बनाने के लिए जूझते दिखे। कमिंस और हेज़लवुड की कमी भी टीम को भारी पड़ी। हैरानी की बात यह रही कि पिछले दो मैचों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले मैट रेनशॉ को श्रीलंका के खिलाफ अहम मुकाबले से बाहर कर दिया गया।

ओमान की पारी की पहली ही गेंद पर ज़ेवियर बार्टलेट ने आमिर कलीम को आउट कर शानदार शुरुआत दिलाई।

वसीम अली ने सबसे ज़्यादा 32 रन बनाए, लेकिन पूरी टीम 16.2 ओवर में 104 रन पर सिमट गई। एडम ज़ाम्पा ने 4/21 और बार्टलेट ने 2/27 विकेट झटके।

प्लेयर ऑफ द मैच बने ज़ाम्पा ने कहा, “पिछले कुछ दिन हमारे लिए बेहद मुश्किल रहे हैं। ड्रेसिंग रूम में इस वक्त खामोशी है। वर्ल्ड कप इतनी जल्दी खत्म होना बहुत निराशाजनक है। मैं सच में निराश हूं और अभी घर लौटने के लिए तैयार नहीं हूं।”

इस जीत के बावजूद ऑस्ट्रेलिया का यह वर्ल्ड कप अभियान उम्मीदों पर पूरी तरह खरा नहीं उतर पाया।